इंदौर पुलिस का ‘गांधीगीरी’ अवतार
इंदौर। सड़कों पर फर्राटा भरने वाले वाहन चालकों को सुधारने और उनकी जान की कीमत समझाने के लिए इंदौर पुलिस कमिश्नरेट इन दिनों ‘एक्शन प्लस इमोशन’ मोड में काम कर रही है। मंगलवार (19 मई) को शहर के सबसे व्यस्त पलासिया चौराहे पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां ट्रैफिक पुलिस ने नियम तोड़ने वालों को न सिर्फ सुरक्षा का पाठ पढ़ाया, बल्कि हाथ में हेलमेट भी थमा दिया।
पुलिस आयुक्त (CP) संतोष कुमार सिंह के कड़क कप्तानी और आला अफसरों के मार्गदर्शन में चल रहे इस ‘सड़क सुरक्षा जनजागरुकता अभियान’ के तहत आज 32वां भव्य ‘हेलमेट पहनें-सुरक्षित रहें’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पहले काटा चालान, फिर थमाया ‘सुरक्षा कवच’
पलासिया चौराहे पर खुद पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह जब टीम के साथ मोर्चे पर उतरे, तो वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। इस दौरान पुलिस का एक अनोखा और गांधीवादी रूप देखने को मिला:
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लापरवाहों को सबक: जिन दोपहिया वाहन चालकों के पास गाड़ी के कागज, लाइसेंस तो पूरे थे लेकिन सिर पर हेलमेट नहीं था, पुलिस ने पहले तो नियमानुसार उनका चालान काटा। इसके बाद उन्हें डांटने के बजाय जिंदगी की कीमत समझाई और खुद पुलिस कमिश्नर ने उन्हें हेलमेट गिफ्ट किया।
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जिम्मेदार नागरिकों का सम्मान: चौराहे पर जो युवा, बुजुर्ग या महिलाएं पहले से ही हेलमेट लगाकर जिम्मेदारी से गाड़ी चलाते मिले, पुलिस कमिश्नर ने उनके लिए तालियां बजवाईं। ट्रैफिक पुलिस ने उनकी पीठ थपथपाई और सम्मान स्वरूप सरप्राइज गिफ्ट (उपहार) भी दिए।
‘मिशन 4300+’: अब तक बांटे जा चुके हैं इतने हेलमेट
इंदौर ट्रैफिक पुलिस का बड़ा आंकड़ा: सड़क हादसों की गंभीरता को कम करने के लिए चलाए जा रहे इस महा-अभियान के तहत इंदौर पुलिस अब तक 32 अलग-अलग कार्यक्रमों में 4,370 से ज्यादा हेलमेट आम जनता को मुफ्त में बांट चुकी है। पुलिस का लक्ष्य साफ़ है—इंदौर को स्वच्छता की तरह ट्रैफिक में भी नंबर-1 बनाना है।
‘सिर्फ कार्रवाई नहीं, जिंदगी बचाना हमारा मकसद’
मौके पर मौजूद अफसरों ने साफ किया कि पुलिस का मकसद लोगों की जेब ढीली करना या चालान काटना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाना है। यातायात पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे इन इनोवेटिव अभियानों की शहर में खूब चर्चा हो रही है।
मोर्चे पर तैनात रहे ये अफसर:
इस वृहद अभियान के दौरान पलासिया चौराहे पर खुद पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के साथ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) आर.के. सिंह, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजेश कुमार सिंह और पुलिस उपायुक्त (यातायात) राजेश कुमार त्रिपाठी सहित ट्रैफिक पुलिस का भारी अमला मौजूद रहा।
