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अखाद्य रंग से बन रही मिर्ची फैक्ट्री सील, लाखों की संदेहास्पद सौंफ और मसाले जप्त

धार जिले में मिलावटखोरों पर ‘महाप्रहार’ : बिना लाइसेंस चल रही फैक्ट्री पकड़ी, जांच के लिए भोपाल भेजे गए सैंपल

धार। मध्य प्रदेश में मिलावटखोरों के खिलाफ सरकार का हंटर लगातार चल रहा है। इसी कड़ी में जिला धार में प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्यवाहियों में से एक को अंजाम दिया है। कलेक्टर राजीव रंजन मीना के निर्देश और आयुक्त खाद्य सुरक्षा मध्य प्रदेश के आदेश पर, जिला खाद्य सुरक्षा प्रशासन और संभागीय उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने 29 मई को धामनोद, सिंघाना और कुक्षी क्षेत्रों में ताबड़तोड़ दबिश दी। इस महा-अभियान में भारी मात्रा में मिलावटी व संदेहास्पद खाद्य सामग्रियां जप्त की गई हैं और अवैध रूप से चल रही फैक्ट्रियों पर कड़ा एक्शन लिया गया है।

1. जहर घोल रहा था ‘श्री सांवरिया मसाला उद्योग’, ऑन-द-स्पॉट खुली पोल, परिसर सील

अभियान के तहत संयुक्त दल ने धामनोद के पास ग्राम इकलेरा खुर्द स्थित ‘श्री सांवरिया मसाला उद्योग’ पर छापा मारा। यहाँ का नजारा चौंकाने वाला था। संचालक रमेश पाटीदार (पिता श्री गंगाराम पाटीदार) लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हुए, स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक अखाद्य रंग मिलाकर लाल मिर्च पाउडर तैयार कर रहा था।

  • मौके पर ही खुली पोल: टीम के साथ मौजूद चलित खाद्य प्रयोगशाला (Mobile Food Lab) ने जब मिर्च पाउडर की त्वरित जांच की, तो तुरंत अखाद्य रंग की पुष्टि हो गई।

  • बड़ी जप्ती और एक्शन: खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती निर्मला सोमकुंवर ने मौके से लाल मिर्च पाउडर और अखाद्य रंगों के कुल 4 नमूने लिए। इसके साथ ही 1,52,000 रुपये मूल्य का 1,130 किलोग्राम रंगयुक्त मिर्च पाउडर जप्त कर लिया गया। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से उत्पादन बंद करवाते हुए फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया है।

2. धामनोद में ‘पंचमुखी ट्रेडर्स’ पर छापा, 12.21 लाख की संदेहास्पद सौंफ जप्त

टीम की दूसरी बड़ी कार्रवाई धामनोद स्थित ‘पंचमुखी ट्रेडर्स’ पर हुई। यहाँ प्रोप्रायटर अंकित तायल द्वारा सौंफ की प्रोसेसिंग की जा रही थी। सौंफ को चमकाने के लिए कृत्रिम रंग के उपयोग की आशंका होने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री सुभाष खेड़कर ने मुस्तैदी दिखाई और विभिन्न प्रकार की सौंफ के 4 सैंपल कलेक्ट किए।

सुरक्षात्मक कार्रवाई: सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौके से 12 लाख 21 हजार रुपए की कीमत वाली 7,050 किलोग्राम संदेहास्पद सौंफ को जप्त कर लिया गया है।

3. मनावर और कुक्षी में भी बिना लाइसेंस चल रही थी मिर्ची फैक्ट्री

  • सिंघाना (मनावर): संयुक्त दल ने ‘भारत फूड प्रोडक्ट’ पर दबिश देकर लाल मिर्च पाउडर और हल्दी पाउडर का एक-एक नमूना जांच के लिए लिया।

  • कुक्षी में अवैध कारोबार का भंडाफोड़: कुक्षी के ‘गुरुश्री ट्रेडर्स’ पर जब टीम पहुंची, तो वहाँ का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। संचालक धर्मेंद्र माली बिना किसी वैध खाद्य लाइसेंस के धड़ल्ले से लाल मिर्च पाउडर का निर्माण कर रहा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री आर.जी. माऊटा ने बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करने का गंभीर प्रकरण दर्ज किया। साथ ही, 48 हजार रुपये मूल्य का मिर्च पाउडर जप्त कर एक सैंपल जांच के लिए भेजा।

भोपाल भेजी गई रिपोर्ट, जेल जाने की नौबत

अभिहित अधिकारी सचिन लौगरिया ने बताया कि कार्यवाही के दौरान जप्त किए गए सभी नमूनों को सुरक्षित सील कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेज दिया गया है।

“भोपाल से जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषियों के विरुद्ध ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006’ के कड़े और गैर-जमानती प्रावधानों के तहत सख्त दंडात्मक व वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ यह जंग आगे भी निरंतर जारी रहेगी।” — सचिन लौगरिया (अभिहित अधिकारी)

इस जांबाज टीम ने की कार्रवाई: इस पूरी बड़ी घेराबंदी और छापामार कार्रवाई में अभिहित अधिकारी सचिन लौगरिया, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी निर्मला सोमकुंवर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी हीरालाल अवस्या, आर.जी. माऊटा, राहुल अलावा और सुभाष खेडकर की मुख्य भूमिका रही।

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