जानें क्या खुला रहेगा और किस पर है पूरी तरह बैन
धार। आगामी दिनों में होने वाले महाराणा प्रताप जयंती और मोहर्रम जैसे धार्मिक त्योहारों, जुलूसों और कार्यक्रमों को देखते हुए धार जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इसके साथ ही भीषण गर्मी, लू और आगामी मानसून की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जिले में कानून-व्यवस्था और लोक शांति बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी संजीव केशव पाण्डेय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत जिले में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं। यह आदेश आगामी 05 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा।
अगर आप धार जिले के निवासी हैं, तो प्रशासन द्वारा जारी इन गाइडलाइंस को ध्यान से पढ़ लें, क्योंकि नियमों का उल्लंघन करने पर सीधे जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
इन चीज़ों पर रहेगा पूरी तरह प्रतिबंध
भड़काऊ भाषण और सोशल मीडिया पोस्ट
कोई भी व्यक्ति, वक्ता या राजनैतिक दल किसी भी धर्म, जाति या व्यक्ति विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं करेगा। व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर सांप्रदायिक या जातिगत वैमनस्य फैलाने वाले ऑडियो, वीडियो या संदेश पोस्ट करने पर पूरी तरह रोक है।
भीड़ इकट्ठा करने और प्रदर्शन पर रोक
किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 या 5 से अधिक व्यक्ति बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के धरना, जुलूस या प्रदर्शन के लिए इकट्ठा नहीं हो सकेंगे।
हथियारों के प्रदर्शन पर बैन
सार्वजनिक स्थानों पर चाकू, भाला, बरछी, तलवार, छुरा, अग्निशास्त्र या किसी भी प्रकार का विस्फोटक लेकर चलने और उनके प्रदर्शन पर पूरी तरह पाबंदी है।
बिना अनुमति के धार्मिक कार्यक्रम
विवादित या सार्वजनिक स्थलों पर बिना अनुमति के कोई भी नया धार्मिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। किसी भी समुदाय द्वारा दूसरे समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले उत्तेजक भाषण या कार्यक्रम की घोषणा प्रतिबंधित है।
बोतल-कंटेनर में ईंधन देने पर रोक
प्रशासन ने अफवाहों और अराजक तत्वों से निपटने के लिए पेट्रोल पंपों को लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं। कोई भी पेट्रोल पंप संचालक गाड़ी के अलावा किसी बोतल, डिब्बे या कंटेनर में पेट्रोल-डीजल नहीं बेचेगा, ताकि इसका इस्तेमाल किसी भी प्रकार की हिंसा में न किया जा सके। सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कमी या संकट से जुड़ी भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। पम्पों पर अनावश्यक भीड़ लगाना या घबराहट में तेल का स्टॉक करना प्रतिबंधित है।
होटल, लॉज और धर्मशालाओं के लिए ‘नो वेरिफिकेशन, नो रूम’
बाहरी और संदिग्ध तत्वों पर नजर रखने के लिए जिले के सभी होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं के संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। बिना पहचान पत्र सत्यापित किए किसी भी व्यक्ति को कमरा आवंटित नहीं किया जाएगा। हर आने-जाने वाले आगंतुक का पूरा विवरण रजिस्टर और डिजिटल माध्यमों में दर्ज करना होगा। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित थाना प्रभारी को फोन या व्हाट्सएप के जरिए देना अनिवार्य है।
डीजे तेज़ बजाने पर रोक
धार्मिक त्योहारों और जुलूसों के दौरान ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए सर्वोच्च न्यायालय (18 जुलाई 2005) और उच्च न्यायालय जबलपुर (06 जनवरी 2005) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। तय सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे बजाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भीषण गर्मी और जल संकट से निपटने के इंतजाम
एक तरफ जहां कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन ने भीषण गर्मी और लू से आमजन को राहत देने के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। सभी नगर पालिका और नगर परिषद को निर्देश दिए गए हैं कि वे बस स्टैंड, बाजार, चौराहों, अस्पतालों और होटलों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त पेयजल (पीने के पानी) की व्यवस्था सुनिश्चित करें। मानसून की दस्तक से पहले नदी, नालों और बावड़ियों जैसे जल स्रोतों की साफ-सफाई समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों की डेली रिपोर्ट
जिले के समस्त तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्रों का लगातार दौरा करेंगे और जल संकट या किसी भी अव्यवस्था की स्थिति में तुरंत समाधान निकालकर प्रतिदिन सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट सौंपेंगे।
उल्लंघन करने पर होगी जेल
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश एकतरफा पारित किया गया है। यदि कोई भी व्यक्ति इन शर्तों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 के तहत सख्त दण्डात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
