सरदारपुर विवाद की रंजिश में हुआ हमला, कई गंभीर धाराओं में अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज
धार। धार जिले में आपसी रंजिश के चलते आधी रात को जमकर उत्पात मचाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कैलाश नगर में एक शराब ठेकेदार के आवास को निशाना बनाते हुए अज्ञात बदमाशों ने अंधाधुंध पथराव किया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। इस हमले में न केवल मकान को क्षति पहुंची, बल्कि परिसर में खड़ी कीमती लग्जरी गाड़ियां भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
यह पूरी वारदात धार के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कैलाश नगर में घटित हुई। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात (11 जुलाई) करीब 2:30 से 2:40 बजे के बीच, एक पिकअप वाहन में सवार होकर आए लगभग 6 से 7 अज्ञात बदमाशों ने एकराय होकर 45 वर्षीय शराब ठेकेदार विकास सिंह ठाकुर के घर पर हमला बोल दिया। बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी गाड़ियों और मकान पर ताबड़तोड़ पत्थर बरसाए, जिससे बाउंड्री गैलरी की खिड़की के कांच टूट गए। हमले के दौरान परिसर में खड़ी फॉर्च्यूनर (रजिस्ट्रेशन नंबर MP09-CZ-0078) और महिंद्रा थार/बोलेरो (रजिस्ट्रेशन नंबर MP09-AF-0015) के कांच तोड़कर भारी नुकसान पहुंचाया गया।
फरियादी विकास सिंह ठाकुर का आरोप है कि यह जानलेवा हमला पुरानी रंजिश का नतीजा है। विकास ठाकुर ने विशाल उर्फ सूरज ठाकुर और उसके साथियों पर इस हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, आरोपियों को शक था कि विकास की दुकान के कर्मचारी पुलिस को गोपनीय सूचनाएं दे रहे हैं। हमलावरों ने पथराव के दौरान अश्लील गाली-गलौज की, घर से बाहर निकलने की चुनौती दी और यह धमकी भी दी कि यदि वे सरदारपुर क्षेत्र में दिखाई दिए, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर वहां लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं, जिसमें बदमाशों की यह करतूत कैद हुई है। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(1), 296(a), 125, 324(2), 351(2) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
इस पूरे विवाद की जड़ें पूर्व में हुए एक झगड़े से जुड़ी हैं। इससे पहले, 7 और 8 जुलाई की दरमियानी रात को सरदारपुर स्थित विकास ठाकुर की शराब दुकान और कार्यालय पर भी तोड़फोड़ की गई थी, जहां कर्मचारियों के साथ मारपीट और लूटपाट की घटना सामने आई थी। हालांकि, उस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया था, लेकिन शांति की वह कोशिश नाकाम रही और कुछ ही दिनों बाद रंजिश ने इस बड़े हमले का रूप ले लिया। पुलिस अब सरदारपुर कार्यालय के उस पुराने विवाद के पूरे बैकग्राउंड को गहराई से खंगाल रही है ताकि हमलावरों की सटीक पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। इस घटना के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और सुरक्षा बढ़ाने की मांग तेज हो गई है।
