धार। अगर आप दूध या उससे बने उत्पाद खरीद रहे हैं, तो सावधान रहें! जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और लापरवाह कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए धार जिले में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने एक विशेष अभियान छेड़ दिया है।
इस विशेष अभियान के तहत 21 और 22 जुलाई को कलेक्टर राजीव रंजन मीना के निर्देश और आयुक्त खाद्य सुरक्षा मध्य प्रदेश के आदेश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने धार शहर और कुक्षी क्षेत्र में ताबड़तोड़ निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने कुल 14 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए जब्त किए। कार्रवाई के दौरान निहाल नगर स्थित ‘माय डेयरी’ में बिना रजिस्ट्रेशन और अत्यधिक अस्वच्छ परिस्थितियों में काम मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डेयरी को तुरंत सील कर कारोबार बंद करा दिया गया।
अलग-अलग क्षेत्रों में हुई कार्रवाई का ब्योरा
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी निर्मला सोमकुँवर ने शहर के 5 कारोबारियों के यहाँ जांच की। जिसमें सोमानी डेयरी (राजवाड़ा), शारदा डेयरी (त्रिमूर्ति चौराहा) और सोलंकी इन्टरप्राइजेज (इंदौर-अहमदाबाद रोड) से दूध के नमूने लिए गए। सिद्धेश्वर ट्रेडर्स (नालछा दरवाजा) से अमृत ब्रांड और मायक्रीम ब्रांड गाय घी के नमूने लिए गए। माय डेयरी (निहाल नगर) से पनीर, मावा और दही के नमूने लिए गए। नियमों के उल्लंघन पर इस डेयरी को सील किया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरजी माउटा की टीम ने कुक्षी क्षेत्र में छापेमारी की। जिसमें ग्वाला डेयरी उत्पाद (सुसरी), श्री कृपा स्वीट्स एंड डेयरी, मथुरा दूध डेयरी (कुक्षी) और कृष्ण स्वीट्स एंड डेयरी (कुक्षी) से खुले दूध के नमूने लिए गए। शिवाय स्वीट्स एंड दूध डेयरी (सुसरी) से खुले दूध और खुले पनीर का नमूना लिया गया।

विभाग द्वारा इस कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए सभी 14 नमूनों को गुणवत्ता की सटीक जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया गया है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए मिलावटखोरों के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
