पड़ोसी ने ही जेल के साथी को दी थी मुखबिरी, एक आरोपी गिरफ्तार
धार। पड़ोस का भरोसा जब अपराध की साजिश में बदल जाए, तो वारदात कितनी गंभीर हो सकती है, इसका उदाहरण कालीबावड़ी में देखने को मिला। देर रात घर में सो रहे एक निहत्थे बुजुर्ग दंपती पर लाठियों से हमला कर जेवरात लूटने के मामले को धरमपुरी थाना पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने मामले में संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार कर इस पूरी साजिश का पर्दाफाश किया है।
यह वारदात 27 जून की दरमियानी रात करीब 1:00 बजे कालीबावड़ी में घटित हुई। यहाँ रहने वाले 85 वर्षीय नेमीचंद राठौर और उनकी पत्नी पार्वती जब अपने घर में सो रहे थे, तभी तीन बदमाश अंदर घुस आए। बदमाशों ने बुजुर्ग दंपती पर लाठी से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया और महिला के गले से दो सोने के मंगलसूत्र छीनकर फरार हो गए। फरियादी की शिकायत पर धरमपुरी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(6) और 331(8) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
मुखबिर की सूचना पर पकड़ाया पड़ोसी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी मनावर ब्रजेश कुमार मालवीय के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी सरदारसिंह सोलंकी के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने कालीबावड़ी निवासी 21 वर्षीय संजय (पिता कालु भाभर) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पूरे षड्यंत्र की परतें खुलीं।
जेल में रची गई थी लूट की पटकथा
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी संजय की दोस्ती जेल में रहने के दौरान गंधवानी निवासी सुरेश से हुई थी। सुरेश ने संजय से किसी ऐसे व्यक्ति की जानकारी देने को कहा था जिसके पास बड़ी रकम या कीमती सामान हो। इसके बाद 25 जून को संजय ने अपने ही पड़ोस में रहने वाले बुजुर्ग नेमीचंद के घर गिरवी माल रखे होने की मुखबिरी सुरेश को दी। योजना के तहत 26 जून को सुरेश अपने दो साथियों के साथ बाइक से कालीबावड़ी पहुंचा और देर रात इस लूट को अंजाम दिया।
फिलहाल पुलिस ने मुखबिरी करने वाले आरोपी संजय को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में शामिल मुख्य आरोपी सुरेश और उसके अन्य फरार साथियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद लूटे गए मंगलसूत्र और वारदात में प्रयुक्त वाहन की बरामदगी की जाएगी।
