मानव तस्करी का 3 हजार का इनामी आरोपी रोहित गिरफ्तार
18 दिनों तक बंधक बनाकर किया प्रताड़ित
धार। शादी का सपना और आर्थिक मदद का भरोसा देकर एक युवती की जिंदगी का छह लाख रुपये में सौदा कर दिया गया। जब पीड़िता ने इस दलदल से बाहर निकलने की कोशिश की, तो उसे बंधक बनाकर अमानवीय यातनाएं दी गईं। मानव तस्करी और दुर्व्यवहार के इस सनसनीखेज मामले में धामनोद पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे तीन हजार रुपये के इनामी आरोपी को धर दबोचा है।
घटना की शुरुआत 10 दिसंबर 2021 को हुई थी, जब खलघाट निवासी आरोपी रोहित गंगारे (29 वर्ष) पीड़िता को शादी के नाम पर 50 हजार रुपये दिलाने का झांसा देकर गुंटूर (आंध्र प्रदेश) ले गया। वहां 14 दिसंबर को मांगीलाल नामक व्यक्ति से उसकी शादी करा दी गई। बाद में पीड़िता को उसके पति से पता चला कि रोहित ने उसे 6 लाख रुपये में बेचकर यह शादी कराई थी। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देश, एएसपी विजय डावर एवं एसडीओपी मोनिका सिंह के मार्गदर्शन में धामनोद पुलिस की विशेष टीम ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से साला पुनर्वास क्षेत्र से आरोपी रोहित को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के साथ प्रताड़ना का सिलसिला यहीं नहीं थमा। कुछ समय बाद आरोपी ने पीड़िता पर एक और शादी करने का दबाव बनाया। पीड़िता द्वारा विरोध जताने पर आरोपी ने उसके पति को निजी तस्वीरें भेजकर उसका घर तुड़वा दिया। इसके बाद आरोपी उसे इंदौर से खलघाट ले आया और दूसरी शादी के लिए मजबूर करने लगा। जब पीड़िता ने साफ इनकार किया, तो उसे करीब 18 दिनों तक एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया और बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसके दोनों हाथों में गंभीर चोटें आईं।
धामनोद पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर अपराध क्रमांक 385/2026 के तहत बीएनएस की धारा 127(4), 143(2) और 115(2) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह यादव, उप निरीक्षक सावन मुवेल, आरक्षक रविन्द्र जमरे और मनीष राठौर सहित स्टाफ की अहम भूमिका रही।
शादी के नाम पर अंतरराज्यीय मानव तस्करी और युवतियों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोहों के खिलाफ यह गिरफ्तारी एक बड़ा कदम मानी जा रही है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है, जिससे क्षेत्र में सक्रिय दलालों और इस अवैध सौदेबाजी में शामिल अन्य संभावित चेहरों पर भी कानूनी शिकंजा कसने की उम्मीद है।
