7 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो ठप होगी शहर की सफाई
नियमितीकरण और बोनस सहित 9 मांगों पर अड़े सफाई कर्मचारी
धार। शहर को स्वच्छ रखने वाले सफाई कर्मचारियों ने अपने अधिकारों को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सेवा सुरक्षा, आर्थिक सहायता और सम्मानजनक कार्य शर्तों को लेकर उठाई गई आवाज अब आंदोलन का रूप लेने की कगार पर है।
धार नगर पालिका परिषद में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के हित में वाल्मीकि सेना ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को 9 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए संगठन ने प्रशासन को स्पष्ट चेताया है कि यदि सात दिनों के भीतर उनकी वाजिब मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल शुरू करेंगे।
आउटसोर्स पद्धति को करे तुरंत समाप्त
मांग पत्र में 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके सफाई कर्मचारियों को विनियमित करने और पूर्व से विनियमित कर्मचारियों को नियमित करने की प्रमुख मांग रखी गई है। संगठन ने सफाई व्यवस्था से आउटसोर्स पद्धति को तुरंत समाप्त करने पर जोर दिया है। इसके साथ ही चिकित्सीय रूप से अस्वस्थ (अनफिट) पाए जाने वाले कर्मचारियों के स्थान पर उनके आश्रितों को नियुक्ति देने का मुद्दा भी उठाया गया है।
सेवानिवृत्ति पर 10 लाख और मृत्यु पर परिवार को मिले 50 हजार
संगठन ने सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं को रेखांकित करते हुए सेवानिवृत्ति पर विनियमित कर्मचारियों को 10 लाख रुपए भुगतान करने की मांग की। कार्य के दौरान किसी मस्टर अथवा विनियमित कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को 50 हजार रुपए की त्वरित सहायता और परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नौकरी देने की बात कही गई है। आगामी दीपावली पर्व के मद्देनजर सभी कर्मचारियों को बोनस स्वरूप एक अंतरिम वेतन देने का आग्रह भी किया गया है।
वाल्मीकि सेना का कहना है कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को निरंतर बनाए रखने वाले ये कर्मचारी लंबे समय से अपने मूलभूत अधिकारों की बाट जोह रहे हैं। यदि तय समय सीमा में प्रशासन ने समाधान की दिशा में कदम नहीं उठाए, तो सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है, जिससे आगामी त्योहारों के दौरान शहरवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा और इसकी पूरी जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी।
