नपा के 100 नए नलकूप प्रस्ताव पर उठे सवाल, कलेक्टर से दखल की अपील
धार। शहर की प्यास बुझाने वाले जलस्रोत सूखने की कगार पर हैं और आने वाले हफ्ते धार नगर के लिए भारी पड़ सकते हैं। स्थिति यह है कि प्रमुख जलाशयों में बचा पानी महज दिसंबर के मध्य तक ही आपूर्ति के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। गिरते जलस्तर और संभावित गंभीर पेयजल संकट को देखते हुए अब प्रशासनिक स्तर पर तुरंत ठोस कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
पेयजल के इस गंभीर मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि अजय सिंह ठाकुर ने धार कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ठाकुर ने शहर के चारों प्रमुख जलस्रोतों में केवल 20 से 25 प्रतिशत पानी शेष रहने का हवाला देते हुए कलेक्टर की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय सर्वदलीय समिति गठित करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि अल्पवर्षा के चलते भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे पहले से संचालित नलकूप भी दम तोड़ रहे हैं। ऐसे में नगर पालिका द्वारा प्रस्तावित 100 नए नलकूपों के सफल होने और उनकी सही लोकेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
ठाकुर ने मानसून पूर्व जल संरक्षण और रिचार्ज तैयारियों में लापरवाही का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, सुनारखेड़ी, कोर्ट रोड और किला ग्राउंड क्षेत्र से बहकर आने वाला पानी मूंज सागर तालाब तक पहुंचता है, जिससे तालाब भरने के साथ आसपास का भूजल स्तर भी सुधरता है। हालांकि, समय पर जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण यह पानी तालाब में संचित होने के बजाय खेतों में बह गया।
यदि समय रहते समग्र जल प्रबंधन नहीं किया गया, तो दिसंबर के बाद धार शहर में गंभीर जल संकट खड़ा हो सकता है। केवल नए नलकूपों पर निर्भर रहने के बजाय जलस्रोतों के संरक्षण, भूजल स्तर सुधार और वैकल्पिक जलापूर्ति की संयुक्त कार्ययोजना ही शहर को इस संभावित सूखे की स्थिति से बचा सकती है।
