धार। धार में टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में बुधवार को शिक्षकों का बड़ा आक्रोश देखने को मिला। जिलेभर से आए हजारों शिक्षकों ने किला मैदान से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में अलग-अलग विकासखंडों के शिक्षक तपती धूप में बैनर-पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे। शिक्षकों का कहना है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पुराने शिक्षकों पर भी टीईटी पास करने की अनिवार्यता थोपना गलत है।
फेल हुए तो नौकरी पर खतरा
शिक्षकों ने बताया कि 2010 के बाद टीईटी लागू हुआ था, लेकिन अब पहले से कार्यरत शिक्षकों को भी दो साल में परीक्षा पास करने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसा नहीं करने पर सेवा से हटाने तक की बात कही गई है, जिससे शिक्षकों में भारी नाराजगी है।
सरकार से ये प्रमुख मांगें
शिक्षकों ने राज्य सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने, हाल के परीक्षा आदेश निरस्त करने और केंद्र सरकार से अध्यादेश लाकर राहत देने की मांग की है। साथ ही नए संवर्ग के शिक्षकों को पहली नियुक्ति से ही वरिष्ठता देने की मांग भी उठाई गई।
अब 11 और 18 अप्रैल को फिर प्रदर्शन
शिक्षकों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर और 18 अप्रैल को राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन होगा। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो स्कूलों में तालाबंदी कर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

