शादियों में लगेगी स्वास्थ्य विभाग की ड्यूटी
इंदौर | संभागायुक्त कार्यालय में शनिवार को कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने कड़े लहजे में कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय सीमा में पहुँचना चाहिए। बैठक में सबसे चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण निर्णय सिकलसेल एनीमिया को लेकर लिया गया। प्रशासन अब सामूहिक विवाह सम्मेलनों में यह सुनिश्चित करेगा कि सिकलसेल पीड़ित युवक-युवतियों के बीच विवाह न हो, ताकि नई पीढ़ी को इस आनुवंशिक बीमारी से बचाया जा सके।
1. मिशन 2047: शादी से पहले कुंडली नहीं, रिपोर्ट देखेंगे!
डॉ. खाड़े ने कहा कि संभाग में जनजातीय समाज की बहुलता है, जहाँ सिकलसेल एनीमिया एक बड़ी चुनौती है।
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नवाचार: अब सामूहिक विवाह आयोजनों में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन मिलकर काम करेंगे।
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मकसद: अगर लड़का और लड़की दोनों सिकलसेल के वाहक (Carrier) हैं, तो उनके विवाह को समझाइश देकर रोका जाएगा ताकि अगली पीढ़ी में यह बीमारी न फैले।
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टारगेट: वर्ष 2047 तक इस बीमारी को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य है।
2. लू का अलर्ट: अस्पतालों में खुलेंगे ‘हीटस्ट्रोक क्लीनिक’
मालवा और निमाड़ में बढ़ती तपिश को देखते हुए संभागायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा है।
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संभाग के सभी जिला और सिविल अस्पतालों में हीटस्ट्रोक कंट्रोल क्लीनिक तत्काल शुरू होंगे।
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ग्रामीण क्षेत्रों में खराब हैंडपंपों को सुधारने और नगरीय क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता जांचने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
3. शिक्षा में झाबुआ-आलीराजपुर ने मारी बाजी
बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों पर चर्चा के दौरान कमिश्नर ने आलीराजपुर और झाबुआ जिले की पीठ थपथपाई।
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सराहना: इन जिलों में पिछले साल के मुकाबले रिजल्ट में 10% से ज्यादा का सुधार हुआ है।
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अगली प्लानिंग: जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं, उनके लिए अभी से रेमेडियल (उपचारात्मक) कक्षाएं और करियर काउंसलिंग शुरू करने को कहा गया है।
4. टोल नाकों पर सख्ती: बिना हेलमेट-बेल्ट तो ‘एंट्री’ नहीं
सड़क हादसों को रोकने के लिए अब केवल चालान नहीं, बल्कि जागरूकता पर जोर रहेगा।
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बड़ी सख्ती: NHAI और MPRDC के टोल गेट्स पर बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाले वाहनों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
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ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) के पास बड़े संकेतक लगाए जाएंगे।
5. गेहूं खरीदी: 60% लक्ष्य पूरा, बारदानों की कमी नहीं
कमिश्नर ने बताया कि संभाग में अब तक 60 फीसदी से ज्यादा गेहूं की खरीदी हो चुकी है। उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पानी, भोजन और तौल-कांटे की पुख्ता व्यवस्था है।
धार्मिक पर्यटन: अहिल्या लोक पर फोकस
बैठक में ओंकारेश्वर और महेश्वर के विकास कार्यों की भी समीक्षा हुई। विशेष रूप से ‘अहिल्या लोक’ और ‘ममलेश्वर मंदिर’ के विस्तार कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में ये रहे मौजूद:
कॉन्फ्रेंस में संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य, संयुक्त आयुक्त विकास शिवानी वर्मा, उपायुक्त विकास पुरूषोत्तम पाटीदार, जनजातीय कार्य विभाग के उपायुक्त ब्रजेशचन्द्र पाण्डे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
