एमपी के एडवोकेट जनरल रखेंगे सरकार का पक्ष
धार। भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने के मामले में कल (4 मई) का दिन बेहद निर्णायक होने वाला है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सोमवार दोपहर 2:30 बजे से मैराथन सुनवाई शुरू होगी। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की डबल बेंच इस संवेदनशील मामले को सुनेगी।
कल की सुनवाई के 4 बड़े पॉइंट
- सरकार का पक्ष: प्रदेश के महाधिवक्ता (AG) प्रशांत सिंह शासन की ओर से कोर्ट में पक्ष रखेंगे।
- ASI की दलील: पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील जैन 98 दिनों तक चले सर्वे की बारीकियों और रिपोर्ट पर चर्चा करेंगे।
- मुस्लिम पक्ष की आपत्ति: संभावना है कि मुस्लिम पक्ष सर्वे की वीडियोग्राफी और उसकी प्रक्रिया पर कानूनी सवाल उठा सकता है।
- सकेलचंद जैन की याचिका: कोर्ट इस मुख्य केस के साथ जुड़ी सकेलचंद जैन की याचिका पर भी फैसला ले सकता है।
सबको मिलेगा अपनी बात रखने का मौका
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में हो रही इस नियमित सुनवाई में कोर्ट ने पारदर्शिता बरतते हुए सभी प्रतिवादियों और ‘इंटरवीनर’ (मध्यस्थों) को भी अपनी बात रखने का अवसर दिया है। हिंदू पक्ष की ओर से इस दौरान रिजाइनडर (प्रति-उत्तर) पेश किया जा सकता है।
कल की सुनवाई क्यों है खास?
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विवरण |
जानकारी |
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समय |
दोपहर 2:30 से 4:30 बजे तक |
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लिस्टिंग |
केस नंबर 46 पर सुनवाई |
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मुख्य मुद्दा |
ASI सर्वे रिपोर्ट और धार्मिक पहचान का निर्धारण |
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बेंच |
जस्टिस विजय कुमार शुक्ला एवं जस्टिस आलोक अवस्थी |
अगला सप्ताह क्यों महत्वपूर्ण
अगले 7 दिनों में होने वाली बहस यह तय करेगी कि भोजशाला के पुरातात्विक साक्ष्यों को कोर्ट किस नजरिए से देखता है। 98 दिन की कड़ी मेहनत के बाद तैयार हुई ASI रिपोर्ट के एक-एक पन्ने पर कोर्ट में जिरह होगी, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।
