बुरहानपुर के निरीक्षक की शिकायत पर तेलंगाना निवासी आरोपी पर केस दर्ज; 4 दिनों तक गायब रखा सरकारी हिसाब
धार। ग्रामीण डाक सेवा के भरोसे पर एक कर्मचारी ने गहरी चोट की है। सरदारपुर तहसील के ग्राम भोपावर स्थित शाखा डाकघर में पदस्थ डाकपाल ने सरकारी राशि का दुर्विनियोजन करते हुए 1 लाख 11 हजार 804 रुपये का गबन कर दिया। मामले का खुलासा विभागीय जांच के बाद हुआ, जिसके आधार पर सोमवार को सरदारपुर पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।
खेल : न हिसाब भेजा, न कैश का पता दिया
जांच में सामने आया कि आरोपी डाकपाल वैदिक सुमन ने 24 अक्टूबर 2025 से 28 अक्टूबर 2025 के बीच ‘बीओ डेली अकाउंट’ (दैनिक लेखा) मुख्य कार्यालय को नहीं भेजा। जब रिकॉर्ड खंगाला गया तो पता चला कि उसने बिना किसी अनुमति के अपनी कस्टडी में मौजूद 1,11,804 रुपये की सरकारी राशि का निजी स्वार्थ के लिए उपयोग कर लिया।
तेलंगाना का रहने वाला है आरोपी
मामले में मुख्य आरोपी वैदिक सुमन पिता वैदिक रावन है। वह मूल रूप से तेलंगाना के मेडक जिले का रहने वाला है, जो वर्तमान में भोपावर शाखा डाकघर में शाखा डाकपाल के पद पर पदस्थ था। बुरहानपुर निवासी मुकेश पिता यशवंत बोदडे की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
फैक्ट्स : गबन की फाइल
-
कितनी राशि: ₹1,11,804 (एक लाख ग्यारह हजार आठ सौ चार रुपये)।
-
कब हुआ गबन: 18 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2025 के बीच।
-
एफआईआर की तारीख: 6 मई 2026 (विभागीय ऑडिट के बाद)।
-
धारा: 316(5) BNS (लोक सेवक द्वारा अमानत में खयानत)।
6 महीने बाद क्यों दर्ज हुई FIR?
घटना अक्टूबर 2025 की है, लेकिन एफआईआर 6 मई 2026 को हुई। दरअसल, सरकारी विभागों में गबन के मामलों में पहले आंतरिक जांच (इंटरनल ऑडिट) की जाती है। विभाग द्वारा आरोपी को राशि जमा करने का मौका दिया गया था, लेकिन विफलता के बाद पुलिस की शरण ली गई। सोमवार को फरियादी के थाने पहुंचने पर मामला दर्ज हुआ।
“शासकीय राशि के दुर्विनियोजन का मामला सामने आया है। आरोपी डाकपाल के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(5) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।” — थाना सरदारपुर पुलिस

