भोपाल | एमपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के उन छात्रों के लिए खुशभरी खबर है, जो किसी वजह से पहले प्रयास में सफल नहीं हो पाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को बड़ा सहारा देते हुए ‘द्वितीय परीक्षा’ (Second Exam) का ऐलान किया है। यह परीक्षाएं आज यानी 7 मई से शुरू हो रही हैं।
16 साल का रिकॉर्ड टूटा, फिर भी सरकार साथ
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल एमपी बोर्ड की 12वीं का रिजल्ट पिछले 16 सालों में सबसे शानदार रहा है। 10वीं के छात्रों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है। लेकिन, जो बच्चे बीमारी या किसी अन्य मुश्किल के कारण पिछड़ गए, सरकार उन्हें साल खराब नहीं करने देगी। अब साल में दो बार बोर्ड परीक्षा का मौका मिलेगा।
नई शिक्षा नीति : MP बना देश का रोल मॉडल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई शिक्षा नीति के तहत मध्य प्रदेश उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है, जो छात्रों को साल में दूसरा मौका दे रहे हैं। सीएम ने साफ कहा कि यह सिर्फ नंबर सुधारने का खेल नहीं है, बल्कि गिरकर फिर से संभलने और आत्मविश्वास जगाने की कोशिश है।
CM का इमोशनल मैसेज : “धरोहर हैं आप”
डॉ. यादव ने बच्चों को ‘भविष्य की धरोहर’ बताते हुए अभिभावकों और शिक्षकों से खास अपील की है। उन्होंने कहा:
“कभी परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं होतीं और रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं आता। लेकिन सपने कभी रुकते नहीं। माता-पिता और टीचर इस समय बच्चों का हाथ थामें, उन्हें मानसिक सपोर्ट दें और उनमें फिर से जोश भरें।”
खास : परीक्षा की तैयारी और उद्देश्य
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आज से शुरुआत: द्वितीय परीक्षा का रण 7 मई से शुरू।
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किसे मिलेगा मौका: जो फेल हुए या परीक्षा देने से चूक गए।
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बड़ा बदलाव: एक ही साल में दो बोर्ड परीक्षाओं से छात्रों का तनाव कम होगा।
अंतिम संदेश: मुख्यमंत्री ने सभी परीक्षार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मंजिल आपका इंतजार कर रही है, बस एक कदम और बढ़ाना है।
