धार। जिले के बाग थाना क्षेत्र के ग्राम आगर में शनिवार दोपहर इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सिर्फ आम गिराने जैसी छोटी सी बात को लेकर दो आरोपियों ने मासूम बच्चों और महिलाओं पर कहर बरपा दिया। आरोपियों ने न केवल 11 से 17 साल के बच्चों को बेरहमी से पीटा, बल्कि उन्हें कमरे में बंद कर जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने मामले में बीएनएस की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
दराते से हमला, बाल पकड़कर घसीटा
जानकारी के अनुसार, फरियादी रेवसिंह पिता आलमसिंह निवासी बिरलई ने बताया कि घटना दोपहर करीब 3 बजे दितीया भील के आम के पेड़ के पास हुई। आरोपी करमु भील और उसके बेटे दितीया भील ने आम गिराने की बात पर विवाद शुरू किया। देखते ही देखते आरोपी उग्र हो गए और वहां मौजूद बच्चों पर टूट पड़े।
इन मासूमों को बनाया निशाना:
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आरती (12 वर्ष): दाहिनी आंख के पास मुक्कों से हमला किया।
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ममता (12 वर्ष): दाहिने हाथ की कोहनी के नीचे चोट पहुंचाई।
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सुमता (14 वर्ष): सिर के बाल पकड़कर बेरहमी से पीटा और गालों पर तमाचे जड़े।
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वेचिया (17 वर्ष): आरोपी ने दराते से हमला किया, जिससे उसके हाथ और उंगली में गहरे जख्म आए हैं।
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आशिक (11 वर्ष): गालों और शरीर पर थप्पड़-मुक्कों से मारपीट की।
कमरे में किया कैद, दी जान से मारने की धमकी
आरोपियों का मन इतने से भी नहीं भरा। मारपीट के बाद उन्होंने फरियादी और मासूम बच्चों (आशिक व आरती) को एक कमरे में जबरन बंद कर दिया। बंधक बनाने के बाद आरोपियों ने उन्हें चिल्लाने पर जान से मारने की धमकी भी दी। बच्चों के चेहरे पर दहशत साफ देखी जा सकती है।
बाग पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी करमु पिता छिपु भील और दितीया भील के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
“मामूली विवाद में बच्चों और महिलाओं के साथ इस तरह की बर्बरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है।” — थाना बाग पुलिस
