धार। शिक्षा के मंदिर में लगे कलंक के एक मामले में, मध्य प्रदेश के धार जिले में एक उच्च माध्यमिक शिक्षक को पाक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार किए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित कर दिया गया है। इंदौर संभाग के आयुक्त द्वारा जारी इस निलंबन आदेश के बाद, आरोपी शिक्षक को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय धार में संबद्ध कर दिया गया है।
यह पूरा मामला धार जिले का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, धार के गुलमोहर कॉलोनी निवासी और शासकीय मॉडल उच्च माध्यमिक विद्यालय (उमावि) में कार्यरत उच्च माध्यमिक शिक्षक मोहम्मद अरशद खान के खिलाफ दिनांक 12/08/2026 को थाना कोतवाली, धार में विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था। शिक्षक खान पर भारतीय दंड विधान की धारा 74, 75(2), 351(3), और भारतीय न्याय संहिता के साथ-साथ अत्यंत गंभीर पाक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत मामला दर्ज हुआ है। इस रिपोर्ट के दर्ज होने के तुरंत बाद, पुलिस ने विवेचना के दौरान 12 अगस्त को ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
चूँकि आरोपी शिक्षक मोहम्मद अरशद खान 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में रहे, इसलिए मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के प्रावधानों के तहत उनका निलंबन अनिवार्य हो गया था। धार कलेक्टर के प्रस्ताव और रिपोर्ट के आधार पर, इंदौर संभाग के आयुक्त भास्कर लाक्षाकार ने यह निलंबन आदेश जारी किया है।
कलेक्टर की रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षक का यह कृत्य मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के पूरी तरह से प्रतिकूल और गंभीर लापरवाहीपूर्ण था। इस निलंबन आदेश के अनुसार, आरोपी शिक्षक को निलंबित अवधि के दौरान नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा। यह आदेश लोक शिक्षण विभाग और जिला प्रशासन को भी प्रतिलिपि कर सूचित कर दिया गया है। यह कार्रवाई शिक्षा विभाग की छवि को सुधारने और इस तरह के गंभीर अपराधों में लिप्त कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा संदेश देने के रूप में देखी जा रही है। मामले में आगे की पुलिस विवेचना और विभागीय जांच जारी रहेगी।

