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कलेक्टर का एक्शन: अस्पताल में मरीजों का हाल जाना, खरीदी केंद्र पर तौल काँटों की गिनती की

अमझेरा-जीराबाद में सरप्राइज विजिट: बोले- भीषण गर्मी है, मरीजों को तुरंत मिले इलाज और किसानों को ठंडा पानी

धार | कलेक्टर राजीव रंजन मीना रविवार को अचानक फील्ड पर उतरे। उन्होंने अमझेरा और जीराबाद क्षेत्र का तूफानी दौरा कर स्वास्थ्य सुविधाओं और गेहूं उपार्जन केंद्रों की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर का सख्त लहजा नजर आया। उन्होंने साफ कर दिया कि सरकारी कामों में न तो लापरवाही चलेगी और न ही पारदर्शिता से कोई समझौता होगा।

अस्पताल में ओपीडी से लेकर दवाओं तक की जांच

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमझेरा पहुंचे कलेक्टर ने सीधे ओपीडी और वार्डों का रुख किया। उन्होंने वहां भर्ती मरीजों के बिस्तर के पास जाकर उनसे पूछा- “समय पर दवा मिल रही है या नहीं? डॉक्टर व्यवहार कैसा कर रहे हैं?” कलेक्टर ने बीएमओ को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में लू और डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है, इसलिए अस्पताल में दवाओं का स्टॉक और शुद्ध पेयजल की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में स्वच्छता को लेकर भी कड़ी नाराजगी जाहिर की और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

उपार्जन केंद्र: “किसान को इंतजार न करना पड़े”

अमझेरा उपार्जन केंद्र पर कलेक्टर ने बारदानों की उपलब्धता और तौल प्रक्रिया को खुद चेक किया। उन्होंने केंद्र प्रभारी को फटकार लगाते हुए कहा कि भीषण गर्मी में किसान को अपनी उपज बेचने के लिए घंटों धूप में खड़ा न होना पड़े।

  • निर्देश: पर्याप्त संख्या में तौल काँटे और हम्माल लगाए जाएं।

  • सुविधा: किसानों के लिए बैठने के लिए छाया और शीतल पेयजल के पुख्ता इंतजाम हों।

  • परिवहन: अनाज के सुरक्षित भंडारण और समय पर लिफ्टिंग (परिवहन) सुनिश्चित करें ताकि केंद्र पर भीड़ न बढ़े।

जीराबाद में भी टटोली व्यवस्थाएं

कलेक्टर ने जीराबाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुगमता से पहुंचना चाहिए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सलोनी अग्रवाल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी साथ रहे।

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