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​कलेक्टर की जनसुनवाई: ‘साहब! दबंगों ने जमीन छीनी, जान से मारने की धमकी दे रहे’

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धार जिला मुख्यालय पर उमड़ा फरियादियों का हुजूम

110 आवेदनों पर कलेक्टर ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

​धार। आम जनता की शिकायतों के निपटारे के लिए मंगलवार को जिला मुख्यालय पर ‘जनसुनवाई’ का आयोजन किया गया। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने एक-एक कर 110 फरियादियों की समस्याएं सुनीं। सुनवाई में दबंगों द्वारा जमीन कब्जाने से लेकर फाइनेंस कंपनियों की गुंडागर्दी तक के गंभीर मामले सामने आए। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि आवेदनों का निराकरण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर समय सीमा में होना चाहिए।

प्रमुख शिकायतें: जो जनसुनवाई में गूंजीं

​जनसुनवाई में आए आवेदनों ने प्रशासन के सामने जिले की कानून व्यवस्था और विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं की तस्वीर साफ कर दी:

  • जमीन पर कब्जा और धमकी: कई ग्रामीणों ने शिकायत की कि उनकी निजी और कृषि भूमि पर दबंग जबरन निर्माण कर रहे हैं। विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
  • फसल खराबा और मुआवजा: किसानों ने बताया कि कृषि भूमि के पास बायपास बनने से नाला बंद हो गया है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने तत्काल मुआवजे की मांग की।
  • सरदार सरोवर के विस्थापित: ग्राम एकलबारा के विस्थापितों ने अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने अनुमोदन पैकेज का भुगतान अब तक न होने की बात कही।
  • फाइनेंस कंपनी की गुंडागर्दी: बजाज फाइनेंस द्वारा अवैध वसूली, गाली-गलौज और डराने-धमकाने की शिकायत भी कलेक्टर तक पहुंची। पीड़ितों ने बताया कि लोन चुकाने के बाद भी उनके गिरवी रखे दस्तावेज या रकम वापस नहीं की जा रही है।
  • अपनों का सितम: एक बुजुर्ग ने अपने ही बेटों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि वे मारपीट कर घर से निकालने की धमकी दे रहे हैं।

‘तय समय में हो निराकरण’

​कलेक्टर मीना ने सीमांकन, नक्शा ट्रेस और ऑनलाइन रिकॉर्ड सुधारने जैसे मामलों में राजस्व अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि जनता को राहत देना है।

मौके पर मौजूद रही अधिकारियों की टीम

सुनवाई के दौरान जिला पंचायत सीईओ अभिषेक चौधरी, अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने तत्काल संबंधित फाइलों की जानकारी ली और निराकरण की प्रक्रिया शुरू की।

इन 3 बिंदुओं में समझें आज की सुनवाई

कुल आवेदन: 110 (सबसे ज्यादा मामले राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े रहे)।

सख्त निर्देश: कलेक्टर ने सीमांकन और रिकॉर्ड सुधार के मामलों में देरी पर नाराजगी जताई।

अगली कड़ी: अगले मंगलवार को भी इसी तरह जिला स्तर पर जनसुनवाई आयोजित होगी।

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