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धार का डायनासोर पार्क बनेगा ‘वर्ल्ड क्लास’ टूरिस्ट डेस्टिनेशन

200 हेक्टेयर में होगा विस्तार, बनेगा भव्य म्यूजियम

धार | धार जिले की करोड़ों साल पुरानी ऐतिहासिक धरोहर ‘डायनासोर नेशनल पार्क’ अब एक नए और भव्य स्वरूप में नजर आएगी। बुधवार को संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में पार्क के कायाकल्प और विस्तार के मास्टर प्लान को हरी झंडी दे दी गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से धार जिला विश्व पर्यटन के मानचित्र पर और मजबूती से उभरेगा।

89 से सीधे 200 हेक्टेयर का होगा दायरा

बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में यह जीवाश्म पार्क 89 हेक्टेयर में फैला है। अब इसे बढ़ाकर 200 हेक्टेयर करने का प्रस्ताव है। इसके लिए जिले के चार गांवों की जमीन को शामिल किया गया है।

  • नया आकर्षण: विस्तारित पार्क में एक विशाल संग्रहालय बनाया जाएगा।

  • क्या देख सकेंगे पर्यटक: यहाँ डायनासोर के दुर्लभ अंडे, हड्डियाँ, जीवाश्म और उनके जीवन से जुड़े साक्ष्य आधुनिक तकनीक के साथ प्रदर्शित किए जाएंगे।

पर्यटन के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने बताया कि पार्क के विस्तार का उद्देश्य केवल संरक्षण ही नहीं, बल्कि आर्थिक विकास भी है।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर: क्षेत्र में सड़कों का चौड़ीकरण, नए पहुंच मार्ग और वॉच टावर बनाए जाएंगे।

  • सुविधाएं: पर्यटकों के रुकने के लिए हाई-टेक होटल और रिसॉर्ट्स विकसित किए जाएंगे।

  • रोजगार: इस विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, हॉस्पिटैलिटी और परिवहन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

प्रकृति और आस्था का संगम

यह क्षेत्र केवल जीवाश्मों तक सीमित नहीं है। मास्टर प्लान में यहाँ की जैव विविधता और संस्कृति को भी जोड़ा गया है:

  • धार्मिक और ऐतिहासिक जुड़ाव: पार्क का क्षेत्र प्रसिद्ध बड़केश्वर महादेव मंदिर और बाघ गुफाओं के करीब है।

  • जैव विविधता: यहाँ औषधीय पौधों की 1644 प्रजातियाँ और विभिन्न वन्यजीवों का बसेरा है, जिसे संरक्षित किया जाएगा।

प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियां प्रतिबंधित

पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। अब पार्क क्षेत्र के आसपास निम्नलिखित गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा:

  1. अवैध उत्खनन और ईंट भट्टे।

  2. ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग।

  3. प्राकृतिक जल निकायों में अपशिष्ट बहाना।

कलेक्टर का फीडबैक

बैठक में धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने भी पार्क की वर्तमान स्थिति और भविष्य की आवश्यकताओं पर अपना पक्ष रखा। वन विभाग और कंसलटेंट ने बेसलाइन स्टडी के आधार पर विकास का खाका प्रस्तुत किया।

डायनासोर पार्क का यह नया अवतार न केवल शोधकर्ताओं के लिए स्वर्ग बनेगा, बल्कि आम पर्यटकों के लिए रोमांच और ज्ञान का केंद्र भी साबित होगा।

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