धार। महिलाओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ और कानूनी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष पहल की गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) सुभाष जैन के निर्देशन में गुरुवार को ‘वन स्टॉप सेंटर’ धार द्वारा ‘हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमन’ अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।
इस सत्र में महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि उनकी सेहत और सुरक्षा ही समाज की असली प्रगति है।
शारीरिक समस्या को नजरअंदाज न करे
सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने महिलाओं को माहवारी प्रबंधन पर बेहद संवेदनशील जानकारी दी। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि:
- संक्रमण का खतरा: माहवारी के दौरान गंदे कपड़े का उपयोग करने से संक्रमण फैल सकता है।
- गंभीर बीमारी की चेतावनी: साफ-सफाई की कमी भविष्य में गर्भाशय के कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकती है।
- बदलाव की अपील: महिलाओं को कपड़े के स्थान पर सैनिटरी पैड का उपयोग करने और किसी भी शारीरिक समस्या को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई।
‘अधिकारों को जानें, हिंसा को न कहें’
स्वास्थ्य के साथ-साथ महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया गया। नए कानूनों और सुरक्षा तंत्रों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि अब कानून और भी सख्त और मददगार हो गए हैं:
- भारतीय न्याय संहिता 2023: महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर नई धाराओं के तहत त्वरित कार्रवाई।
- कार्यस्थल पर सुरक्षा: यौन उत्पीड़न निषेध अधिनियम 2013 की विस्तृत जानकारी दी गई।
- घरेलू हिंसा से बचाव: घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 और महिला ऊर्जा हेल्प डेस्क की भूमिका के बारे में बताया गया।
एक छत के नीचे सारी मदद
महिलाओं को बताया गया कि यदि वे किसी भी प्रकार की मुसीबत में हैं, तो धार का ‘वन स्टॉप सेंटर’ उनकी ढाल बनकर खड़ा है। यहाँ पीड़ित महिलाओं को ये सुविधाएं बिल्कुल निःशुल्क मिलती हैं:
- तत्काल पुलिस सहायता।
- अस्थाई आश्रय (रहने की जगह)।
- आपातकालीन चिकित्सा सुविधा।
- कानूनी सलाह और मनोवैज्ञानिक परामर्श।
ये नंबर हैं आपके सबसे बड़े दोस्त
कार्यक्रम के अंत में महिलाओं को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों को याद रखने और उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया:
- 181: महिला हेल्पलाइन
- 112: पुलिस सहायता
- 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन
- 1930: साइबर अपराध की शिकायत के लिए
खास बात : इस अभियान के जरिए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को यह विश्वास दिलाया गया कि प्रशासन उनकी हर मुश्किल में उनके साथ है। महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक सत्र में भाग लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
