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खेतों में तकनीक का ‘कृषि रथ’ और राशन के लिए ई-केवाईसी: कलेक्टर की दो टूक- लापरवाही बर्दाश्त नहीं

‘एग्रीस्टेक’ पोर्टल से मिलेगी जरूरत के हिसाब से खाद

मिट्टी जांच के बाद ही डालें पोषक तत्व, पराली जलाने पर रोक

धार। कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आज कृषि और उससे जुड़े विभागों की एक हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक हुई। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का फायदा सीधे किसान के खेत और आम आदमी की थाली तक पहुंचना चाहिए। बैठक में खरीफ सीजन 2026-27 की तैयारियों, खाद-बीज के भंडारण और राशन कार्डधारियों के ई-केवाईसी को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए।

घूमेगा ‘कृषि रथ’, वैज्ञानिक बताएंगे खेती के नए मंत्र

​कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि जिले में जल्द ही ‘कृषि रथ’ रवाना किए जाएंगे।

  • सीधा संवाद : इस यात्रा के दौरान कृषि वैज्ञानिक गांवों में जाकर किसानों से सीधे बात करेंगे और उन्हें आधुनिक खेती की तकनीक सिखाएंगे।
  • अनावश्यक खर्च पर लगाम : मिट्टी परीक्षण पर विशेष जोर दिया गया है। अफसरों से कहा गया है कि वे खेतों से मिट्टी के सैंपल लें और किसानों को रिपोर्ट के आधार पर ही खाद डालने की सलाह दें, ताकि उनका फालतू खर्च बचे।

​खाद के लिए लाइन लगाने का झंझट खत्म

​बैठक में किसानों को खाद और उर्वरक की पारदर्शी सप्लाई के लिए ‘ई-विकास प्रणाली’ के तहत ई-टोकन व्यवस्था का लाइव डेमोंस्ट्रेशन देखा गया।

अब क्या होगा? मैदान स्तर पर सभी बचे हुए किसानों को ‘एग्रीस्टेक’ पोर्टल पर जोड़ा जाएगा। इसके बाद किसान के पास जितनी जमीन (रकबा) होगी, उसी के अनुपात में उसे सुगमता से खाद मिल जाएगी।

कलेक्टर ने रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल को रोकने और जमीन की सेहत बचाने के लिए जैविक व प्राकृतिक खेती का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए।

खास: बैठक के 4 बड़े फैसले

  1. नो टू पराली: फसल अवशेष (पराली) को जलाने के बजाय उसका उचित निपटान करने के लिए जागरूकता फैलाई जाएगी।
  2. जमीन समतलीकरण: खरीफ सीजन शुरू होने से पहले कृषि अभियांत्रिकी विभाग खेतों को समतल करने और फसल विविधिकरण को बढ़ावा देगा।
  3. पीएम किसान निधि: योजना के तहत आधार सीडिंग, भूमि सीडिंग और वन पट्टाधारी कृषकों के पेंडिंग मामलों की समीक्षा की गई और इन्हें जल्द पूरा करने को कहा गया।
  4. शत-प्रतिशत टारगेट: पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी और सहकारिता विभाग की योजनाओं का लाभ आखिरी पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए गए।

ई-केवाईसी नहीं कराया तो बंद हो सकता है अनाज

​बैठक में ‘एक राष्ट्र एक राशनकार्ड’ योजना की भी गंभीर समीक्षा हुई। कलेक्टर ने जिले के सभी राशन कार्डधारकों से अपील की है कि वे अपना ई-केवाईसी तुरंत पूरा करवा लें, वरना भविष्य में राशन मिलने में दिक्कत आ सकती है। बैठक में कृषि एवं कल्याण विकास विभाग के उपसंचालक ज्ञानसिंह मोहनिया सहित जिला कृषि कार्यालय, आत्मा, मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग, गव्य विकास विभाग तथा भूमि संरक्षण विभाग के सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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