स्ट्रीट लाइट और पुलिस गश्त पर पीड़ित ने उठाए सवाल
धार। शहर के त्रिमूर्ति नगर स्थित लाल हवेली क्षेत्र में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 3:00 से 4:30 बजे के बीच चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाया। बदमाशों ने स्थानीय निवासी तरुण खत्री के घर के मुख्य गेट और अंदर के दरवाजों के ताले तोड़कर अलमारी में रखी ढाई से तीन लाख रुपए की नगदी, दो कान की बाली और एक मंगलसूत्र चोरी कर लिया। वारदात के समय परिवार के सदस्य मकान की पहली मंजिल पर सो रहे थे, जिन्हें बदमाशों ने बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर दिया था। सुबह जागने पर सामान बिखरा देखकर पीड़ित परिवार को घटना की जानकारी मिली।
घटना की सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित तरुण खत्री के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें इस वारदात का एक बड़ा कारण हैं। उनका कहना है कि साल के 365 दिनों में से लगभग 200 दिन यहां की स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं, जिसके कारण घटना के समय क्षेत्र में काफी अंधेरा था और बदमाशों को इसका सीधा फायदा मिला। इसके साथ ही पीड़ित ने पुलिस गश्त व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक, पुलिस की गश्त मुख्य सड़क पर तो होती है, लेकिन इस अंदरूनी गली में नहीं होती। पीड़ित ने पुलिस के मौके पर देरी से पहुंचने का आरोप भी लगाया है।

धार शहर में चोरी की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में असुरक्षा का माहौल है। इस ताजा घटना ने नगर पालिका की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और पुलिस की रात्रिकालीन गश्त प्रणाली दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यदि पुलिस द्वारा अंदरूनी गलियों में गश्त नहीं बढ़ाई गई और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को जल्द चालू नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश अन्य रिहायशी इलाकों को भी अपना निशाना बना सकते हैं। नागरिकों की सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इन बुनियादी कमियों को जल्द से जल्द दूर करना होगा।
