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मटके और भूसे के ढेर में छिपा था दोमुंहा सांप, वन विभाग ने जाल बिछाकर अंतरराज्यीय गिरोह के तस्कर को दबोचा

अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर बेजुबान वन्यजीवों की करते हैं तस्करी

धार। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर बेजुबान वन्यजीवों की तस्करी करने वाले नेटवर्क को धार वन विभाग ने करारा झटका दिया है। विभाग की एक विशेष टीम ने घेराबंदी कर न सिर्फ दुर्लभ प्रजाति के प्रतिबंधित ‘रेड सेंड बोआ’ (दोमुंहा सांप) को सुरक्षित रेस्क्यू किया, बल्कि इस काले कारोबार से जुड़े एक शातिर तस्कर को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पकड़े गए सांप को उज्जैन के बड़नगर में एक रिश्तेदार के घर पर भूसे के ढेर में, मटके के अंदर बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखा गया था।

यह पूरी कार्रवाई मंगलवार, 23 जून को धार जिले के बदनावर क्षेत्र के कानवन के पास की गई। यहाँ वन मंडल अधिकारी विजयानंथम टीआर और उप वन मंडल अधिकारी सुनील सुलया के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी डॉ. शैलेंद्र सोलंकी की विशेष टीम (जिसमें मनीषपाल राठौड़, प्रताप गोयल, पत्तल सिंह भारती, अर्जुन राठौड़ और रफीक खान शामिल थे) ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम दुधवाल निवासी आरोपी कमल पिता विक्रम देवड़ा को हिरासत में लिया। आरोपी से सख्ती से पूछताछ के बाद टीम ने तत्काल उज्जैन के बड़नगर में दबिश देकर वन्यजीव को सुरक्षित बरामद किया।

सख्त धाराओं में मामला दर्ज

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने आरोपी कमल देवड़ा के खिलाफ ‘वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972’ (संशोधन अधिनियम 2022) के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी पर अधिनियम की धारा 9, 39, 44, 48 और 51 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं वन्यजीवों के शिकार, अवैध कब्जे, परिवहन और व्यापार को पूरी तरह प्रतिबंधित करती हैं, जिनमें दोषी पाए जाने पर कठोर कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है। यह एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है।

किसानों का मित्र है ‘रेड सेंड बोआ’

वैज्ञानिक रूप से ‘इरिक्स जॉनी’ (Eryx johnii) नाम से जाना जाने वाला यह रेड सेंड बोआ पूरी तरह गैर-विषैला और शांत स्वभाव का सांप है। यह खेतों में चूहों की आबादी को नियंत्रित कर प्राकृतिक रूप से किसानों की मदद करता है। हालांकि, समाज में फैले इस अंधविश्वास के कारण कि यह सांप धन-संपत्ति बढ़ाता है या तांत्रिक क्रियाओं में काम आता है, इसकी अंतरराष्ट्रीय तस्करी बढ़ गई है। वन विभाग ने साफ किया है कि ऐसे दावे पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं।

वन विभाग ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। चूंकि बदनावर क्षेत्र में पिछले कुछ समय से वन्यजीवों की तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, इसलिए विभाग अब विशेष निगरानी रख रहा है। इस कार्रवाई के बाद रिमांड के दौरान इस अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों और मुख्य सरगनाओं के चेहरे सामने आने की पूरी उम्मीद है, जिससे क्षेत्र में सक्रिय वन्यजीव तस्करों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सकेगा।

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