धार। धार जिले के किसानों को समय पर सिंचाई का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने आज कारम मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माणाधीन बांध स्थल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर ही विभागीय अधिकारियों और नई दिल्ली की निर्माण एजेंसी मेसर्स ए.एन.एस. कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रतिनिधियों को काम की रफ्तार बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर ने विशेष रूप से जोर देकर कहा कि परियोजना के तहत प्रस्तावित नहर निर्माण की टेंडर प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
इस औचक निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे। जल संसाधन विभाग द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए कुल 304.44 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, जिसमें से केवल बांध निर्माण की अनुबंधित लागत 99.86 करोड़ रुपये है। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में भौतिक कार्यों की प्रगति काफी अच्छी है। बांध के कुल 18,01,530 घन मीटर अर्थवर्क (मिट्टी के काम) में से 16,64,130 घन मीटर का काम पूरा हो चुका है। इसके साथ ही, कुल 1,21,509 घन मीटर कंक्रीट कार्य में से 1,12,200 घन मीटर का कार्य भी संपन्न कर लिया गया है।
590 मीटर लंबी इस बांध संरचना के पूर्ण होने से क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। इस परियोजना के पूरा होते ही धार जिले की धरमपुरी तहसील के 42 आदिवासी बाहुल्य गांवों के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके माध्यम से कुल 8750 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को पेयजल (पीने के पानी) की महत्वपूर्ण सुविधा भी प्राप्त होगी।
