धार। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आमजन को प्राकृतिक चिकित्सा की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से ‘विश्व होम्योपैथी दिवस’ जिले में उत्साह और जनसेवा के भाव के साथ मनाया गया। आयुष विभाग द्वारा आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जहां न केवल इलाज मिला बल्कि स्वस्थ जीवनशैली के महत्वपूर्ण सूत्र भी बताए गए।
संचालनालय आयुष, मध्य प्रदेश (भोपाल) की राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना के अंतर्गत कलेक्टर के निर्देशन एवं जिला आयुष अधिकारी के मार्गदर्शन में जिले की 7 होम्योपैथिक संस्थाओं और आयुष चिकित्सालय पीथमपुर द्वारा विभिन्न जन-कल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया गया।
विविध स्वास्थ्य गतिविधियां रहीं आकर्षण का केंद्र
शिविरों में आयुष विशेषज्ञों ने आमजन को ऋतु अनुसार आहार-विहार की जानकारी दी और स्वस्थ रहने के उपाय बताए। साथ ही मौसम के अनुरूप ‘प्रिवेंटिव’ (प्रतिरोधक) होम्योपैथिक औषधियों का वितरण किया गया।
विशेष रूप से बालिकाओं के स्वास्थ्य परीक्षण, मरीजों की ब्लड प्रेशर एवं शुगर जांच जैसी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
610 मरीजों को मिला लाभ
जिला आयुष कार्यालय के अनुसार, सभी 7 संस्थाओं में आयोजित शिविरों में कुल 610 मरीजों का पंजीयन कर उनका उपचार किया गया। आयुष विभाग का उद्देश्य होम्योपैथी के माध्यम से नागरिकों को रोगमुक्त करना और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना है।
पीथमपुर चिकित्सालय की अहम भूमिका
शासकीय आयुष चिकित्सालय पीथमपुर सहित अन्य केंद्रों पर भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। यहां निःशुल्क परामर्श के साथ गंभीर बीमारियों से बचाव को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जिससे लोग अपनी जीवनशैली में सुधार कर स्वस्थ रह सकें।
इस आयोजन ने न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाया, बल्कि होम्योपैथी के प्रति विश्वास भी मजबूत किया।
