धार। महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई ऊंचाई देने वाले “नारी शक्ति वंदन” अधिनियम के लागू होने के बाद अब इसका उत्सव भी पूरे मध्यप्रदेश में जोश और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। धार जिले में 10 से 25 अप्रैल तक चल रहे पखवाड़े के दौरान महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर सशक्त बनाने की अनोखी पहल देखने को मिल रही है।
भारत सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू किए गए “नारी शक्ति वंदन” अधिनियम के तहत महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी 14% से बढ़ाकर 33% कर दी गई है। मध्यप्रदेश शासन ने इस ऐतिहासिक निर्णय को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 10 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” मनाने का निर्णय लिया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सुभाष जैन के मार्गदर्शन में जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस दौरान नारी शक्ति पदयात्रा, दीवार लेखन, संगोष्ठी और व्याख्यान माला जैसी गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। खास बात यह है कि इन कार्यक्रमों में महिला समूहों, लखपति दीदी और लाडली बहनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।
इसी क्रम में वन स्टॉप सेंटर, धार द्वारा चिटनिस चौक क्षेत्र में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं को बताया गया कि अब वे संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण की हकदार हैं, जिससे वे अपने नेतृत्व को स्वयं चुन सकेंगी।
कार्यक्रम में पूर्व पार्षद अनीता म्हाले ने महिलाओं को इस ऐतिहासिक उपलब्धि की बधाई दी, वहीं आर्य समाज के प्रधान लाखन सिंह ठाकुर ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और समाज में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
सामाजिक जागरूकता गतिविधियों के तहत जिला भोज चिकित्सालय में भी महिलाओं को इस अधिनियम की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि अब समाज में उनके अधिकार पुरुषों के समान सुनिश्चित किए गए हैं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से “नारी शक्ति वंदन” के समर्थन में टोल-फ्री नंबर पर मिस कॉल भी करवाया गया।
इस अवसर पर जूडो-कराटे प्रशिक्षक कुमकुम श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
