धार। जिला पुलिस धार और 34वीं बटालियन के परिवारों के लिए रविवार का सूरज एक नई सुविधा की सौगात लेकर आया। अब पुलिस क्वार्टर्स की रसोइयों में न तो सिलेंडर खत्म होने का डर रहेगा और न ही डिलीवरी का इंतजार करना होगा। डीआरपी लाइन और पुलिस बटालियन परिसर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन शुरू करने की ऐतिहासिक पहल की गई है।
SP मयंक अवस्थी ने खुद कराया पहला रजिस्ट्रेशन
इस आधुनिक सुविधा की शुरुआत खुद पुलिस उप महानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी (IPS) ने की। उन्होंने, एएसपी विजय डावर और रक्षित निरीक्षक पुरुषोत्तम बिश्नोई के साथ ₹6,500 की रिफंडेबल राशि जमा कर अपना रजिस्ट्रेशन कराया। खास बात यह है कि स्थानांतरण या सेवानिवृत्ति पर यह राशि वापस मिल जाएगी। इसी सप्ताह परिसर के सभी परिवारों का रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया जाएगा।
क्यों खास है PNG?
- नो बुकिंग, नो वेटिंग: 24 घंटे सीधे पाइप से सप्लाई, सिलेंडर खत्म होने का टेंशन खत्म।
- सुरक्षा पहले: सिलेंडर के मुकाबले कम प्रेशर और आधुनिक मानकों के कारण यह अधिक सुरक्षित है।
- जेब पर हल्की: एलपीजी की तुलना में पीएनजी किफायती है।
- स्मार्ट बिलिंग: पहले इस्तेमाल करें, फिर मीटर रीडिंग के हिसाब से पारदर्शी भुगतान।
- पर्यावरण दोस्त: स्वच्छ ईंधन होने से प्रदूषण में भी कमी आएगी।
‘स्मार्ट पुलिसिंग’ की दिशा में बड़ा कदम
एसपी मयंक अवस्थी ने कहा कि यह पहल “स्मार्ट एवं सुरक्षित पुलिस लाइन्स” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नवेरिया गैस प्राइवेट लिमिटेड इस प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक नेटवर्क बिछा रही है। पुलिस परिवारों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अब उन्हें भारी-भरकम सिलेंडर उठाने और भंडारण की समस्याओं से हमेशा के लिए राहत मिल जाएगी।
उद्घाटन में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में एएसपी (दक्षिण) विजय डावर, एएसपी (उत्तर) पारुल बेलापुरकर, सीएसपी सुजावल जग्गा (IPS), डीएसपी आनंद तिवारी, आरआई पुरुषोत्तम बिश्नोई सहित नवेरिया गैस के जनरल मैनेजर सचिन चौधरी और उनकी टीम मौजूद रही।
जनसमाचार एमपी नजरिया: > पुलिस कर्मी दिन-रात फील्ड में रहकर जनता की सेवा करते हैं, ऐसे में उनके परिवारों को घरेलू समस्याओं से मुक्त रखना विभाग की एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल है। यह मॉडल प्रदेश की अन्य पुलिस लाइन्स के लिए भी नजीर बन सकता है।
