Headlines

MPPSC प्री-2026: धार के 14 केंद्रों पर ‘कड़े पहरे’ में अफसर बनने की रेस, 100% बायोमेट्रिक से गुजरना पड़ा परीक्षार्थियों को

धार | मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 रविवार को जिले में कड़ी सुरक्षा और शुचिता के बीच संपन्न हुई। धार जिला मुख्यालय पर बनाए गए 14 केंद्रों पर प्रशासन की मुस्तैदी ऐसी थी कि परिंदा भी पर नहीं मार सका। परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए पहली बार शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक सत्यापन (थम्ब इम्प्रेशन) किया गया, जिससे फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म हो गई।

पर्यवेक्षक रूपला ने केंद्रों पर दौड़ाई नजर, व्यवस्था देख बोले- ‘सेटिस्फेक्ट्री’

परीक्षा की शुचिता जांचने के लिए आयोग द्वारा विशेष रूप से नियुक्त संभागीय पर्यवेक्षक एवं सेवानिवृत्त IAS अधिकारी शिवनारायण रूपला पूरे समय एक्टिव मोड में रहे। उन्होंने शहर के सभी 14 परीक्षा केंद्रों का सघन दौरा किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए कहा कि परीक्षा का संचालन पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण रहा।

जनसमाचार एमपी ग्राफिक्स: हाजिरी का गणित

जिला परीक्षा प्रभारी और डिप्टी कलेक्टर आशा परमार के अनुसार परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की गई:

सत्रकुल पंजीकृतउपस्थितअनुपस्थितउपस्थिति %
प्रथम सत्र43403295104575.92%
द्वितीय सत्र43403261107975.13%

हाईटेक निगरानी: वीसी में मिले निर्देशों का दिखा असर

इस बार आयोग ने परीक्षा से दो दिन पहले (24 अप्रैल) ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्राध्यक्षों को ‘कमांड’ दे दी थी। जिला प्रशासन ने इन निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया:

  • बायोमेट्रिक अनिवार्य: हर परीक्षार्थी की डिजिटल पहचान दर्ज की गई।
  • जीरो टॉलरेंस: नकल रोकने के लिए उड़नदस्तों ने लगातार चेकिंग की।
  • शांतिपूर्ण माहौल: पूरे जिले में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या विवाद की खबर नहीं आई।

प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा

डिप्टी कलेक्टर आशा परमार ने बताया कि जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को पहले ही निष्पक्ष परीक्षा के लिए पाबंद कर दिया गया था। यही कारण रहा कि परीक्षा बिना किसी व्यवधान के गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हुई।

गर्मी और उम्मीदों का इम्तिहान

अप्रैल की तपिश के बावजूद युवाओं में भारी उत्साह देखा गया। केंद्रों के बाहर सुबह से ही परीक्षार्थियों की भीड़ जुटने लगी थी। जूते-चप्पल और बेल्ट उतरवाने जैसी आयोग की पुरानी गाइडलाइंस का भी सख्ती से पालन कराया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *