भोपाल। जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार को हुआ क्रूज हादसा अब प्रशासनिक कार्रवाई और सियासत के केंद्र में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को खुद घटनास्थल पर पहुँचे और पीड़ित परिवारों से मिलकर उनका ढांढस बंधाया। सीएम ने साफ शब्दों में कहा, “दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।”
बड़ी कार्रवाई: 5 पर गिरी गाज, मैनेजर सस्पेंड
हादसे में शुरुआती जांच के आधार पर मुख्यमंत्री ने त्वरित एक्शन के निर्देश दिए हैं:
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सेवाएं समाप्त: क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेन्द्र की छुट्टी कर दी गई है।
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निलंबन (Suspension): होटल मैकल रिसॉर्ट के मैनेजर और बोट क्लब प्रभारी सुनील मरावी को सस्पेंड कर दिया गया है।
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विभागीय जांच: रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ जांच बिठा दी गई है।
हाई-लेवल जांच के 3 बड़े बिंदु
हादसे की बारीकियों को समझने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee) गठित की गई है। इसमें होमगार्ड DG, शासन सचिव और जबलपुर कमिश्नर शामिल हैं।
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हादसे का असल कारण क्या था?
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क्रूज संचालन के नियमों (SOP) का कितना उल्लंघन हुआ?
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भविष्य में सुरक्षा के लिए क्या बदलाव जरूरी हैं?
“जिन परिजनों ने अपनों को खोया है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। लेकिन दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी कि भविष्य में कोई ऐसी लापरवाही की हिम्मत न करे।”
— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री (MP)
रेस्क्यू की दास्तां: ‘लगा कि अब नहीं बचूंगा, पर टीम ने खींच लिया’
हादसे में 28 लोगों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि 9 लोगों की जान चली गई।
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रियाज की आपबीती: सीएम ने अस्पताल में रियाज से मुलाकात की, जो 5 घंटे तक पानी के बीच जिंदगी और मौत से लड़ते रहे। रियाज ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वे बचेंगे, लेकिन बचाव दल ने फरिश्ता बनकर उन्हें बाहर निकाला।
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बहादुरों को सम्मान: सीएम ने रेस्क्यू में जुटे श्रमिकों के लिए 51-51 हजार रुपए के पुरस्कार की घोषणा की। सेना के गोताखोरों, NDRF और SDRF की टीम को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।
मुआवजे का ऐलान: परिवारों को ₹6-6 लाख की मदद
पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने हाथ मिलाया है:
| स्रोत | सहायता राशि |
| प्रधानमंत्री राहत कोष | ₹2 लाख प्रति मृतक |
| राज्य सरकार (MP) | ₹4 लाख प्रति मृतक |
| कुल सहायता | ₹6 लाख |
खास: अब बदलेंगे नियम
पर्यटन विभाग अब क्रूज संचालन के लिए नई SOP (Standard Operating Procedure) तैयार करेगा। मुख्यमंत्री ने जनता से भी अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें। खराब मौसम के दौरान पानी से जुड़ी गतिविधियों से बचना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
अभी क्या स्थिति है?
क्रूज को किनारे खींच लिया गया है। कुछ लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश में सेना और स्थानीय गोताखोर जुटे हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि जब तक आखिरी व्यक्ति नहीं मिल जाता, सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।
