धार में लकड़ी तस्करों पर वन विभाग कार्रवाई
धार | वन मंडल धार में इन दिनों लकड़ी तस्करों की शामत आई हुई है। वन मंडल अधिकारी (DFO) विजयानंथम टीआर के सख्त तेवरों के बाद विभाग एक के बाद एक बड़ी कार्यवाहियों को अंजाम दे रहा है। ताजा मामला शुक्रवार रात का है, जब वन विभाग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर अवैध लकड़ी से भरा एक वाहन दबोचा।
मतलबपुरा चौराहे से पीछा, लक्कड़पीठा में दबोचा
वन परिक्षेत्र अधिकारी सचिन सयदे ने बताया कि रात में सटीक मुखबिर से सूचना मिली थी कि अवैध लकड़ी का परिवहन होने वाला है। सूचना मिलते ही तत्काल गश्ती और चेकिंग दल का गठन किया गया। टीम ने मतलबपुरा फोरलेन रोड चौराहे पर जाल बिछाया। जैसे ही संदिग्ध वाहन (नंबर MP13 GB 3158) वहाँ से गुजरा, टीम ने उसका पीछा किया और आबकारी रोड लक्कड़पीठा के पास उसे चारों तरफ से घेरकर रुकवा लिया।
कागजात की जगह मिला ‘सन्नाटा’
तलाशी के दौरान वाहन में नीम और इमली की लकड़ी ठसाठस भरी हुई पाई गई। जब चालक जीवन पिता कैलाश (निवासी ग्राम आहू) से लकड़ी की कटाई और परिवहन के दस्तावेज मांगे गए, तो वह एक भी कागज पेश नहीं कर पाया। बिना परमिट के कीमती लकड़ी ले जाने के जुर्म में टीम ने तत्काल गाड़ी को जब्त कर लिया।
आंकड़ों में कार्यवाही:
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पकड़ी गई लकड़ी: लगभग 15 क्विंटल (नीम व इमली)
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लकड़ी का बाजार मूल्य: करीब 10,000 रुपये
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जब्त वाहन की कीमत: करीब 5,00,000 रुपये
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वर्तमान स्थिति: वाहन को वन परिक्षेत्र कार्यालय धार लाकर जांच शुरू कर दी गई है।
इनका रहा सराहनीय योगदान: > इस सफल कार्यवाही में कार्यवाहक वनपाल रमेशचंद्र पटेल, रामसिंह कनेल, महेन्द्र डामरे, नर्गेश चौहान, वसीम काजी, गौरव तिवारी और लक्ष्मण सिंह भवेल (वन रक्षक) की मुख्य भूमिका रही।
वन विभाग की इस सक्रियता से क्षेत्र के लकड़ी माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का साफ कहना है कि अवैध कटाई और परिवहन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
