Headlines

शहनाई की गूँज से सजेगी भोज नगरी

15 मई से शुरू होगा तीन दिवसीय ‘पद्मश्री फड़के संगीत समारोह’

धार। राजा भोज की ऐतिहासिक कला और साहित्य की नगरी धार एक बार फिर सुरों के संगम से सराबोर होने के लिए तैयार है। प्रसिद्ध शिल्पकार और संगीत मनीषी रघुनाथराव कृष्णराव फड़के जी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी स्मृतियों को समर्पित 11वां ‘पद्मश्री फड़के संगीत समारोह’ कल यानी 15 मई से शुरू होने जा रहा है।

​संगीत प्रेमियों के लिए यह आयोजन किसी उत्सव से कम नहीं है, जहाँ देश के दिग्गज कलाकार अपनी कला का जादू बिखेरेंगे।

पुणे की शहनाई और जुगलबंदी का जादू

​इस साल समारोह का मुख्य आकर्षण पुणे के विश्वविख्यात शहनाई वादक डॉ. प्रमोद गायकवाड़ होंगे। वे अपनी सुपुत्री सुश्री नम्रता गायकवाड़ के साथ शहनाई की सुमधुर तानों से संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

  • संगत: शहनाई की इन तानों पर शिवम मालवीय तबले पर संगत देंगे।
  • स्थानीय प्रतिभा: धार की अपनी माटी की प्रतिभा मयूर गोयल का तबला वादन भी इस शाम को खास बनाएगा।

तीन दिनों तक सजेगी महफिल

​साहित्य और संस्कृति के गढ़ धार में यह प्रतिष्ठित आयोजन 15 से 17 मई 2026 तक चलेगा। आयोजन समिति के संयोजक डॉ. दीपेंद्र शर्मा ने बताया कि:

  • स्थान: विक्रम ज्ञान मंदिर, लालबाग परिसर, धार।
  • समय: शाम ठीक 7:05 बजे से रात्रि 9:05 बजे तक।
  • उद्घाटन: 15 मई को ठीक शाम 7:05 बजे।

खास बात: संगीत प्रेमियों के लिए यह पूरा आयोजन पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है। यहाँ तक कि पार्किंग की सुविधा भी मुफ्त उपलब्ध कराई गई है, ताकि कला प्रेमी बिना किसी बाधा के संगीत का आनंद ले सकें।

नवोदित और स्थापित कलाकारों का साझा मंच

​यह समारोह केवल गायन तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ गायन, वादन और नृत्य की त्रिवेणी बहेगी। यह मंच नए उभरते कलाकारों (नवोदित) और संगीत के स्थापित दिग्गजों के बीच एक अनूठा सेतु बनाने का काम करता है।

आयोजन समिति की अपील

​समारोह को भव्य बनाने के लिए वरिष्ठ संगीतज्ञ लक्ष्मीकांत जोशी, दीपक खलतकर, वृषाली देशमुख, और समाजसेवी जयंत जोशी सहित पूरी टीम जुटी हुई है। मीडिया प्रभारी राकी मक्कड़ के अनुसार, आयोजन समिति के सभी सदस्यों ने धार के सुधीजनों और संगीत प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर इस सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बनने का सादर आमंत्रण दिया है।

यदि आप संगीत के पारखी हैं, तो धार का लालबाग परिसर कल से आपके लिए सबसे बेहतरीन ठिकाना होने वाला है। सुर, लय और ताल की इस शाम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना न भूलें!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *