Headlines

80 लाख की पोकलेन और बिना नंबर का डंपर रंगेहाथ जब्त

Oplus_131072

आधी रात को टंट्या मामा चौराहे पर एक्शन, वन माफियाओं में मचा हड़कंप

धार। धार वन मंडल में अवैध उत्खनन करने वाले खनिज माफियाओं के खिलाफ वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और साहसिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। वन मंडल अधिकारी धार विजयानंथम टी.आर. के कुशल मार्गदर्शन में वन अमले ने आधी रात को पीथमपुर के इंडोबोरेक्स कंपनी के पास छापा मारकर अवैध उत्खनन कर रही एक पोकलेन मशीन और एक डंपर को रंगेहाथ दबोच लिया। जब्त वाहनों की कीमत लगभग 80 लाख रुपये आंकी जा रही है।

रात 1:30 बजे घेराबंदी, भागने का मौका तक नहीं मिला

​वन परिक्षेत्र अधिकारी मांडव सचिन सयदे ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि विभाग को मुखबिर से एक बेहद सटीक और गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वन अमला तत्काल एक्टिव हुआ और रात के सन्नाटे में घटनास्थल के लिए रवाना हो गया। रात करीब 1:30 बजे, टीम ने पीथमपुर के टंट्या मामा भील चौराहे पर स्थित इंडोबोरेक्स कंपनी के ठीक नीचे, वन कक्ष क्रमांक 480 में दबिश दी। वहां अंधेरे का फायदा उठाकर धड़ल्ले से अवैध उत्खनन किया जा रहा था। वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर मौके से ही एक भारी-भरकम पोकलेन मशीन और एक बिना नंबर के डंपर को अपनी कस्टडी में ले लिया। वन अमले की इस त्वरित और अचानक हुई कार्रवाई से माफियाओं को वाहन छोड़कर भागने तक का मौका नहीं मिला।

अकोलिया और बाग के हैं आरोपी, केस दर्ज

​जब्त किए गए वाहनों और आरोपियों की कुंडली भी सामने आ चुकी है। विभाग के मुताबिक:

  • वाहन मालिक: माहुल सिगार (निवासी अकोलिया)
  • वाहन चालक: माहुल पिता गमरिया (निवासी मेरती, बाग)

“जब्त वाहनों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत वैधानिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। आगे की दण्डात्मक कार्रवाई जारी है। क्षेत्र में अवैध उत्खनन और खनिज माफियाओं को पूरी तरह नेस्तनाबूत करने के लिए ऐसी सख्त गश्त और ताबड़तोड़ कार्यवाहियां आगे भी लगातार जारी रहेंगी।”

सचिन सयदे, वन परिक्षेत्र अधिकारी मांडव

पुलिस और वन विभाग का कड़ा तालमेल

​इस बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण रात्रिकालीन ऑपरेशन को सफलता से अंजाम देने में वन अमले और पुलिस बल ने गजब का तालमेल दिखाया। इस बड़ी सफलता में मांडव परिक्षेत्र के संतोष कुमार उपाध्याय (कार्यवाहक वनपाल),  रितेष त्रिवेदी (वन रक्षक), जीतेन्द्र चौधरी (वन रक्षक), रघुनाथ सिंह सौलंकी (वन रक्षक) और पीथमपुर पुलिस बल के जवानों का सराहनीय और उल्लेखनीय योगदान रहा, जिन्होंने जान जोखिम में डालकर इस गिरोह का पर्दाफाश किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *