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फिल्मी स्टाइल में अनाज कारोबारी का अपहरण, 5 घंटे में पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी कर छुड़ाया

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इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र से सोमवार (25 मई) की शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। पीथमपुर रोड स्थित एक वाइन शॉप के पास से 4-5 अज्ञात बदमाशों ने एक अनाज व्यापारी का फिल्मी अंदाज में अपहरण कर लिया। बदमाश कारोबारी के साथ मारपीट करते हुए उन्हें जबरन अपनी स्विफ्ट कार में डालकर रफूचक्कर हो गए। हालांकि, इंदौर पुलिस की मुस्तैदी के आगे बदमाशों के हौसले पस्त हो गए और महज कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने न सिर्फ व्यापारी को सकुशल मुक्त करा लिया, बल्कि चार आरोपियों को दबोच भी लिया।

​ऐसे हुआ वारदात का खुलासा

​घटना की गंभीरता को देखते हुए राऊ थाना प्रभारी निरीक्षक राजपाल सिंह राठौर के नेतृत्व में तुरंत एक विशेष टीम और साइबर सेल को एक्टिव किया गया। एसीपी निधि सक्सेना ने बताया कि ज्योति नामक महिला ने थाने पर सूचना दी थी कि उनके पति सूरज लववंशी (जो कि एक अनाज व्यापारी हैं और अपना खुद का वेयरहाउस चलाते हैं) को कुछ बदमाश जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए हैं।

तगड़ा एक्शन: पुलिस ने बिना वक्त गंवाए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मोबाइल लोकेशन को ट्रैक करना शुरू किया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को पता चला कि बदमाश पीड़ित को लेकर ग्राम नागपुर (सांवेर) की तरफ भागे हैं।

पुलिस की घेराबंदी और आरोपियों की गिरफ्तारी

​पुलिस टीम ने बिना देरी किए ग्राम नागपुर में घेराबंदी की। खुद को चारों तरफ से घिरा देख बदमाशों के पसीने छूट गए। पुलिस ने मौके से अपहृत व्यापारी सूरज लववंशी को पूरी तरह सुरक्षित मुक्त करा लिया। पकड़े गए आरोपियों के नाम ​जितेंद्र पटेल, सुमित पटेल, सुनील उर्फ गब्बर पटेल, मुकेश है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार को भी जब्त कर लिया है। हालांकि, इस पूरी साजिश का मुख्य आरोपी मुकेश पटेल अभी भी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

​वेयरहाउस का विवाद या फिरौती

​शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह पूरा मामला जमीन के विवाद, आपसी लेन-देन और पीड़ित के वेयरहाउस से जुड़े किसी पुराने विवाद के कारण हुआ था। राऊ थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

​पुलिस इस बात की भी गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या इस अपहरण के पीछे मोटी फिरौती वसूलने का भी कोई प्लान था। महज कुछ घंटों में इस अंधे मोड़ वाले केस को सुलझाने के लिए राऊ थाना पुलिस और साइबर टीम की जमकर सराहना हो रही है।

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