धार। ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर देश भर की सुर्खियों में है। 15 मई 2026 को आए ऐतिहासिक अदालती फैसले के बाद, हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री अपने धार प्रवास के दौरान भोजशाला पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले श्री धारेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर मां सरस्वती (वाग्देवी) के दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आशीष जनक, अधिवक्ता विनय जोशी और आशीष गोयल सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। रंजना अग्निहोत्री के इस दौरे और उनके बयानों ने क्षेत्र में एक नई राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज कर दी है।
श्रेय सिर्फ धार की जनता को, हम तो केवल निमित्त मात्र
भोजशाला मामले में आए बड़े फैसले पर बात करते हुए रंजना अग्निहोत्री भावुक और विनम्र नजर आईं। उन्होंने इस पूरी कानूनी जीत का श्रेय स्वयं लेने के बजाय धार की जनता को समर्पित कर दिया। रामायण का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा:
“जब हनुमान जी लंका दहन कर लौटे, तो वे शांत थे। उन्होंने सारा श्रेय प्रभु श्री राम के प्रताप को दिया। ठीक उसी तरह, हम तो लखनऊ से केवल मां का संकल्प लेकर आए थे और एक निमित्त मात्र थे। असली जीत धार की उस जनता की है जो वर्षों से विरह की अग्नि में जल रही थी और धैर्य के साथ प्रतीक्षा कर रही थी।”
उन्होंने साफ किया कि किसी भी ऐतिहासिक निर्णय को किसी एक व्यक्ति या संगठन की बपौती नहीं माना जा सकता। यह सालों के संघर्ष, सामाजिक सहयोग और एक लंबी कानूनी प्रक्रिया का सुखद परिणाम है।
अगले 6 महीनों में ‘विजय मंदिर-लाट मस्जिद’ पर नई कानूनी लड़ाई की तैयारी
इस दौरे का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब रंजना अग्निहोत्री ने धार के एक और चर्चित और विवादित स्थल ‘विजय मंदिर और लाट मस्जिद’ को लेकर बड़ा संकेत दिया। जब उनसे इस स्थल के इतिहास और वर्तमान स्थिति को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा:
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याचिका की तैयारी: इस मामले को पूरी तरह कोर्ट में ले जाने के लिए कम से कम 6 महीने की कानूनी तैयारी की आवश्यकता है।
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बड़ा संकेत: अगले 6 महीनों के भीतर इस विवादित स्थल को लेकर भी अदालत में एक नई याचिका दायर की जाएगी।
बता दें कि यह स्थल लंबे समय से विवादों में घिरा रहा है, जहां हिंदू समाज इसे ‘विजय मंदिर’ और मुस्लिम समाज ‘लाट मस्जिद’ के रूप में देखता है। इस बयान के बाद प्रशासन और स्थानीय सियासत में सुगबुगाहट तेज हो गई है।
देश भर में 200 से अधिक याचिकाएं : धर्म और संस्कृति का संरक्षण
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की सक्रियता पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि संगठन अब तक देश भर में 200 से अधिक याचिकाएं दायर कर चुका है।
| प्रमुख मामले जिन पर संगठन लड़ रहा है कानूनी लड़ाई |
| श्रीकृष्ण जन्मभूमि (मथुरा) |
| काशी विश्वनाथ विवाद (वाराणसी) |
| मां श्रृंगार गौरी मामला |
| ऐतिहासिक भोजशाला (धार) |
उन्होंने अंत में कहा कि इन सभी याचिकाओं का एकमात्र मूल उद्देश्य देश की प्राचीन धर्म, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण करना है, और भगवान श्रीराम की कृपा से उन्हें इन प्रयासों में लगातार सफलता मिल रही है।

