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धार में ‘सरकारी’ पर आफत: RTO ऑफिस में हाई-वोल्टेज ड्रामा, खेत में नापने गए पटवारी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

धार। जिले में शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमले और अभद्र व्यवहार के दो अलग-अलग सनसनीखेज मामले सामने आए हैं। पहली घटना जिला मुख्यालय के आरटीओ कार्यालय की है, जहां दो बस मालिकों ने आरटीओ अधिकारी के साथ सरेआम गाली-गलौज की। वहीं दूसरी घटना अमझेरा क्षेत्र के कपास्थल ग्राम की है, जहां सीमांकन करने गए पटवारी और उनकी टीम पर लात-घूंसों से हमला कर दिया गया। दोनों ही मामलों में पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।

आरटीओ ऑफिस में बसें जब्त होने पर गालीगलौच व जान से मारने की धमकी

स्थान: थाना कोतवाली, धार

घटनास्थल: आरटीओ कार्यालय, धार

जिला आरटीओ कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब दो रसूखदार बस मालिक अपनी जब्त बसों की बात को लेकर आरटीओ अधिकारी से भिड़ गए। घटना 25 मई की शाम की है, जिसकी रिपोर्ट अगले दिन थाने में दर्ज कराई गई।

क्या है पूरा मामला

कैलाश नगर (धार) के निवासी और आरटीओ अधिकारी मधुकर पिता रायसिंह सिसोदिया (57 वर्ष) ने पुलिस को बताया कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन करने पर दो बसों को जब्त किया था। इसी बात से नाराज होकर सरदारपुर के शिवजी मार्ग के रहने वाले आरोपी सईद खान और उसका बेटा ईशाक खान आरटीओ कार्यालय में जबरन घुस आए। दोनों आरोपियों ने आते ही अपनी बसों को जब्त किए जाने का विरोध करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डाली। जब अधिकारी ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो आरोपी आगबबूला हो गए और सरेआम मां-बहन की बेहद गंदी और नंगी गालियां देना शुरू कर दिया। विवाद यहीं नहीं रुका, आरोपियों ने अधिकारी को शासकीय कार्य न करने देने और जान से मारने की खुली धमकी भी दे डाली।

पुलिस कार्रवाई: कोतवाली पुलिस ने फरियादी मधुकर सिसोदिया की रिपोर्ट पर आरोपी सईद खान और ईशाक खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(a), 132, 351(2), और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अमझेरा में जमीन नापने गए पटवारी को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

स्थान: थाना अमझेरा

घटनास्थल: ग्राम कपास्थल (खेत पर)

शासकीय ड्यूटी पर तैनात राजस्व अमले पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसा ही एक दुस्साहसिक मामला अमझेरा थाना क्षेत्र के ग्राम कपास्थल में सामने आया है, जहां नायब तहसीलदार के आदेश पर जमीन का सीमांकन (नपती) करने पहुंचे पटवारी के साथ खेत मालिकों ने बेरहमी से मारपीट की और उन्हें जातिसूचक गालियां दीं।

सीमांकन के दौरान हुआ हमला

फरियादी पटवारी कृष्णपालसिंह पिता सरदारसिंह मण्डलोई (जाति भीलाला, उम्र 30 वर्ष), जो वर्तमान में टप्पा तहसील दसई में पदस्थ हैं, ने बताया कि वे नायब तहसीलदार मैडम के आदेश क्रमांक 661/2026 के पालन में ग्राम कपास्थल में जितेंद्र भील नामक व्यक्ति की जमीन का सीमांकन करने गए थे। उनके साथ अन्य पटवारी साथी प्रवीण पाटीदार, परेश गोहिल, विजय अलावा और गांव के चौकीदार भी मौजूद थे। शाम करीब 4:30 बजे जब टीम नपती कर रही थी, तभी गांव के ही हरीओम चौधरी और उसका पिता पप्पू चौधरी (जाति गारी) वहां लाठी-डंडे लेकर आ धमके। उन्होंने चिल्लाते हुए कहा, “तुम लोग यहाँ नपती करने क्यों आये हो और किस की जमीन किस तरफ निकाल रहे हो?”

थप्पड़-मुक्कों से की पिटाई, मुंह और गर्दन पर आईं चोटें

इतना कहते ही दोनों आरोपियों ने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए पटवारी कृष्णपालसिंह को ‘भीलड़े’ जैसे अपमानजनक जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर आरोपी हरीओम और पप्पू चौधरी ने पटवारी पर थप्पड़ और मुक्कों की बरसात कर दी। इस अचानक हुए हमले में पटवारी के मुंह और गर्दन पर गंभीर अंदरूनी चोटें और खरोंचें आई हैं। आरोपियों ने पूरी टीम को जान से मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया।

पुलिस कार्रवाई: अमझेरा पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 296, 132, 121(1), 221, 351(3), 3(5) सहित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध), और 3(2)(Va) के तहत संगीन मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।

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