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10 हेक्टेयर में लगेंगे 5000 पौधे, तापमान 3°C तक कम करने का लक्ष्य, नाम बताओ और जीतो ₹1500

धार। शहर के पर्यावरण को सुरक्षित, सुंदर और समृद्ध बनाने के लिए इस मानसून (वर्षा ऋतु 2026) में एक बेहद अनूठा और विशाल अभियान शुरू होने जा रहा है। वन विभाग, पुलिस विभाग, जिला प्रशासन और आम जनता के साझा संकल्प से ‘विस्तार वानिकी परियोजना’ का खाका तैयार किया गया है।

वन मंडल अधिकारी विजयानंथम टी. आर. और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के संयुक्त प्रयासों से शुरू हो रही इस परियोजना के तहत डी.आर.पी. लाइन क्षेत्र की 10 हेक्टेयर भूमि को एक घने जंगल के रूप में विकसित किया जाएगा।

खास बातें: जो इस अभियान को बनाती हैं बेहद विशेष

  • 5000 पौधों का रोपण: डी.आर.पी. लाइन क्षेत्र में तीव्र गति से बढ़ने वाले और सघन छाया देने वाले 5000 फलदार, औषधीय, छायादार व मिश्रित प्रजाति के पौधे रोपे जाएंगे।
  • 03 वर्षों तक सुरक्षा की जिम्मेदारी: रोपे गए पौधों को लावारिस नहीं छोड़ा जाएगा। आगामी 3 वर्षों तक वन विभाग, आम जनता के सहयोग से इन पौधों की सुरक्षा और देखभाल करेगा।
  • 20+ स्थानीय (Native) प्रजातियाँ: जैव-विविधता का ध्यान रखते हुए केवल मिट्टी के अनुकूल स्थानीय पौधे जैसे—बरगद, पीपल, नीम, आंवला और बेलपत्र लगाए जाएंगे। यह पक्षियों और छोटे जीवों के लिए एक बेहतरीन रहवास भी बनेगा।

अगले 4 वर्षों में 3 डिग्री तक कम होगा तापमान

इस परियोजना के दूरगामी और वैज्ञानिक उद्देश्य तय किए गए हैं। वन विभाग के अनुसार, इस पौधारोपण से अगले 4 वर्षों के भीतर डी.आर.पी. लाइन के 2 किलोमीटर के दायरे में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी लाने का लक्ष्य है। इसके साथ ही, यह क्षेत्र भू-जल पुनर्भरण का एक बड़ा केंद्र बनेगा, जिससे शहर का जलस्तर सुधरेगा।

सामुदायिक सहभागिता की मिसाल यह अभियान केवल एक सरकारी कागजी योजना नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से कम्युनिटी सपोर्ट (आम जनता की भागीदारी) पर आधारित है। इसका मुख्य संदेश है कि पर्यावरण को बचाना वन विभाग, पुलिस और नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

प्रतियोगिता में लें भाग, इनाम जीते

इस अनूठी और ऐतिहासिक हरित पहल को एक प्रभावी, प्रेरणादायक और पहचान दिलाने वाला नाम देने के लिए विभाग द्वारा एक ‘नामकरण प्रतियोगिता’ का आयोजन किया जा रहा है।

प्रतियोगिता के नियम और शर्तें

शहर का कोई भी नागरिक इस प्रतियोगिता में भाग ले सकता है। नाम ऐसा हो जो वन विभाग, पुलिस, प्रशासन और जनता के सामूहिक प्रयास को दर्शाता हो। साथ ही उसमें पर्यावरण संरक्षण, शीतलता और जल संचय की झलक मिले। नाम के सुझाव केवल हिंदी में ही स्वीकार किए जाएंगे। विजेता नाम का चयन एक विशेष समिति करेगी। चयनित नाम को सरकारी दस्तावेजों, मुख्य बोर्ड और प्रचार-प्रसार में शामिल किया जाएगा। विजेता नागरिक को 1500/- रुपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा।

कैसे भेजें अपना सुझाव

नागरिक अपने सर्वश्रेष्ठ नाम के सुझाव नीचे दिए गए आधिकारिक गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से दिनांक 17 जून 2026 तक भेज सकते हैं:

🔗 गूगल फॉर्म लिंक: https://forms.gle/XC9fYRN1roWNKvfMA

तो देर किस बात की? उठाइए अपनी कलम, सोचिए एक शानदार नाम और बनिए धार को हरा-भरा और कूल बनाने वाली इस मुहिम का हिस्सा।

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