बोले- ‘जर्मन निवेशकों के लिए हॉटस्पॉट बनेगा मध्य प्रदेश’
इंदौर। भारत और जर्मनी के बीच व्यापारिक और औद्योगिक रिश्तों को एक नई उड़ान मिलने वाली है। जर्मनी के कॉन्सुलेट जनरल क्रिस्टोफ हॉलियर ने 10 और 11 जून को इंदौर और पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का दो-दिवसीय हाई-प्रोफाइल दौरा किया। इस दौरे का मुख्य मकसद क्षेत्र की मजबूत औद्योगिक अधोसंरचना, आईटी बूम और पर्यटन की अपार संभावनाओं को करीब से परखना था।
हॉलियर के इस दौरे के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में इंदौर-पीथमपुर रीजन में भारी-भरकम जर्मन निवेश देखने को मिल सकता है।
राजवाड़ा और लालबाग पैलेस की खूबसूरती के मुरीद हुए हॉलियर
अपने दो-दिवसीय दौरे के पहले दिन (10 जून), जर्मन कॉन्सुलेट जनरल ने इंदौर के समृद्ध इतिहास और संस्कृति का दीदार किया। उन्होंने शहर के ऐतिहासिक धरोहर स्थलों ‘लालबाग पैलेस’ और ‘राजवाड़ा पैलेस’ का भ्रमण किया। इंदौर की बेजोड़ स्थापत्य कला और विरासत को देखकर हॉलियर बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने मुक्त कंठ से तारीफ करते हुए कहा कि इंदौर की समृद्ध विरासत और अनूठी संस्कृति इसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक बेहद आकर्षक और शानदार गंतव्य बनाती है।
पीथमपुर के हैवी इंडस्ट्रीज और इंदौर के IT इकोसिस्टम का लिया जायजा
दौरे का दूसरा दिन (11 जून) पूरी तरह बिजनेस, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग के नाम रहा। हॉलियर ने धार जिले के मशहूर औद्योगिक क्लस्टर पीथमपुर और इंदौर की प्रमुख कंपनियों का दौरा कर जमीनी हकीकत जानी। पीथमपुर स्थित इस यूनिट में उन्होंने आधुनिक उत्पादन प्रक्रियाओं को देखा। यहाँ उन्होंने ऑटोमोटिव सेक्टर से जुड़े तकनीकी नवाचारों और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का अवलोकन किया। इंदौर के इस प्रमुख आईटी हब में जाकर उन्होंने मध्य प्रदेश की बढ़ती डिजिटल और सूचना प्रौद्योगिकी क्षमताओं को समझा।
MPIDC के साथ ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट’ पर महामंथन
इस पूरे दौरे के दौरान मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) इंदौर के कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति उनके साथ मौजूद रहे। प्रजापति ने जर्मन डेलिगेशन के सामने इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र का एक मजबूत ‘इन्वेस्टमेंट प्रपोजल’ पेश किया।
चर्चा के मुख्य बिंदु:
- लॉजिस्टिक्स नेटवर्क: तेजी से विकसित हो रहा मजबूत कनेक्टिविटी ग्रिड।
- बिजनेस फ्रेंडली माहौल: निवेशकों के लिए मध्य प्रदेश सरकार की आसान नीतियां और सिंगल-विंडो सिस्टम।
- कुशल मानव संसाधन: क्षेत्र में उपलब्ध स्किल्ड और टेक्निकल वर्कफोर्स।
भारत हमारा दूसरा सबसे बड़ा पार्टनर, MP में हैं अपार संभावनाएं
दौरे के समापन पर अपने अनुभव साझा करते हुए जर्मनी के कॉन्सुलेट जनरल क्रिस्टोफ हॉलियर ने भारत-जर्मनी दोस्ती को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत, जर्मनी का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। मध्य प्रदेश का इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षमताएं रखता है।
उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि आने वाले समय में इंदौर और पीथमपुर, जर्मन उद्योगों और नए निवेशकों के लिए देश के सबसे पसंदीदा केंद्रों के रूप में उभरेंगे।
क्यों मील का पत्थर है यह दौरा
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि जर्मनी जैसी वैश्विक औद्योगिक महाशक्ति के राजनयिक का यह दौरा महज एक शिष्टाचार भेंट नहीं है। यह आने वाले समय में धार के पीथमपुर और इंदौर रीजन में बड़े विदेशी निवेश (FDI), नई नौकरियों के सृजन और भारत-जर्मनी आर्थिक सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में ‘मील का पत्थर’ साबित होगा।

