केंद्र की समय-सीमा से पहले ही किया नक्सलवाद का खात्मा : सीएम डॉ. मोहन यादव
नई दिल्ली/भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक आयोजित हुई। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिरकत की। बैठक में सीएम डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए साफ कर दिया कि ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को पूरा करने में एमपी ‘फ्रंट सीट’ पर बैठकर लीड कर रहा है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्यों की साझी भागीदारी से ही देश आगे बढ़ेगा और मध्य प्रदेश सुशासन, समावेशी विकास, नवाचार व जनकल्याण के संकल्प के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है।
टाइम-लिमिट से पहले ही उखाड़ फेंका नक्सलवाद
बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी कामयाबी का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रदेश से नक्सलवाद को खत्म करने की जो समय-सीमा (डेडलाइन) तय की थी, मध्य प्रदेश ने उससे पहले ही नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा करने में सफलता पा ली है। नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब विकास की गति को बुलेट ट्रेन जैसी रफ्तार दी जाएगी, जहां युवाओं के विकास पर विशेष फोकस रहेगा।
उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य में एमपी के ‘मास्टरस्ट्रोक’
मुख्यमंत्री ने नीति आयोग के मंच पर बताया कि राज्य सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए चौतरफा काम कर रही है। मध्य प्रदेश की इन बड़ी उपलब्धियों पर खास चर्चा हुई। धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की स्थापना हो चुकी है, जहां रिकॉर्ड समय में औद्योगिक इकाइयों द्वारा काम शुरू किया जा रहा है। इससे कौशल विकास और औद्योगिकीकरण को जबरदस्त बूस्ट मिलेगा। भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के सालों पुराने घातक वेस्ट (कचरे) को निष्पादित करने का काम तेजी से किया जा रहा है। आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। नए मेडिकल कॉलेजों और सफलतापूर्वक चल रहे ‘आरोग्य मंदिरों’ के जरिए इलाज को और बेहतर बनाया गया है।
प्रदेश में ‘पीएमश्री महाविद्यालयों’ के जरिए युवाओं को नए-नए विषयों और संकायों से जोड़कर उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। पानी की किल्लत दूर करने और किसानों की समृद्धि के लिए नदी जोड़ो परियोजनाओं के क्रियान्वयन की पूरी तैयारी कर ली गई है।
इन 4 मुख्य एजेंडों पर केंद्रित रही बैठक
नीति आयोग की इस अहम बैठक में मुख्य रूप से 4 कोर विषयों पर देश के विकास का खाका खींचा गया, जिस पर मध्य प्रदेश ने भी अपना मजबूत पक्ष रखा:
| क्र. सं. | नीति आयोग की बैठक के मुख्य एजेंडे |
| 1 | मूलभूत मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल (Skill Development) |
| 2 | उत्पादक रोजगार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास |
| 3 | स्वास्थ्य, पोषण और चौतरफा कल्याण |
| 4 | सभी नागरिकों के लिए समानता और गरिमा |
बैठक में देशभर में स्टार्टअप्स और उद्यमिता को बढ़ावा देने, युवाओं के कौशल को निखारने और स्थायी रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उपायों पर गहराई से मंथन किया गया। मध्य प्रदेश की ओर से रखे गए इन प्रोग्रेसिव कदमों ने यह साफ कर दिया है कि बहनों-बेटियों की उन्नति, किसानों का कल्याण और युवाओं को रोजगार देना ही डॉ. मोहन यादव सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
