‘जीरो-ई एफ़आईआर’ के बाद मनावर पुलिस ने दर्ज की बीएनएस की धाराओं में FIR
धार। अगर आपके मोबाइल पर भी अनजान नंबर से कोरियर का पता अपडेट करने का कोई मैसेज या लिंक आता है, तो सावधान हो जाइए। जरा–सी चूक आपकी जमापूंजी पल भर में साफ कर सकती है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला धार जिले के मनावर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सिंघाना से सामने आया है, जहाँ एक युवक शातिर साइबर ठगों का शिकार हो गया। ठगों ने झांसा देकर युवक के दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 2,43,300 रुपए पार कर दिए।
क्या है पूरा मामला
सिंघाना के सिर्वी मोहल्ला निवासी 28 वर्षीय पंकज पिता जगदीश राठौर के पास 1 जून को एक अज्ञात नंबर से कॉल और मैसेज आया। शातिर ठग ने खुद को कोरियर कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनका एक पार्सल आया है, लेकिन उस पर पता अधूरा है। एड्रेस अपडेट करने के नाम पर ठग ने पंकज के व्हाट्सएप पर ‘Customer Support.apk’ नाम से एक संदिग्ध लिंक भेजा। जैसे ही पंकज ने उस लिंक पर क्लिक करके ऐप डाउनलोड किया, ठगों ने उनके फोन का पूरा एक्सेस अपने हाथ में ले लिया। इसके बाद 1 जून की दोपहर 3:00 बजे से लेकर 4 जून की दोपहर 4:00 बजे के बीच ठगों ने पंकज के दो बैंकों के खातों में सेंध लगा दी।
दो अलग-अलग बैंकों से उड़ाए पैसे
साइबर अपराधियों ने पंकज को संभलने का मौका भी नहीं दिया और किश्तों में बड़ी रकम उड़ा ली। बैंक ऑफ इंडिया (खाता क्र. 982110510000111) इस खाते से एक बार में 83,300 रुपए साफ किए। एक्सिस बैंक (खाता क्र. 921010017734177) इस खाते में ठगों ने तीन बार में सेंध लगाई। पहली बार 98,800 रुपए, दूसरी बार 17,000 रुपए और तीसरी बार 44,500 रुपए पार कर दिए। दोनों खातों को मिलाकर ठगों ने कुल 2,43,300 रुपए की बड़ी चपत लगाई। जब पंकज को खाते से पैसे कटने के मैसेज मिले, तब तक उनके होश उड़ चुके थे।
जीरो – ई एफआईआर के बाद मनावर थाने में असल कायमी
पीड़ित पंकज राठौर ने तुरंत इसकी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराई थी। इसके बाद जीरो – ई एफआईआर क्रमांक 869/2026 के आधार पर, 10 जून को सुबह 11:09 बजे थाना मनावर में असल कायमी (मामला दर्ज) की गई। मनावर पुलिस ने मोबाइल नंबर 8282811368 के अज्ञात धारक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी एवं संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले को जांच में ले लिया है और साइबर सेल की मदद से आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक ट्रांजैक्शन की डिटेल खंगाल रही है।
साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह: बरतें ये सावधानियां
- APK फाइल डाउनलोड न करें: व्हाट्सएप या मैसेज पर किसी के कहने पर .apk फॉर्मेट वाली फाइलें कभी इंस्टॉल न करें। यह आपके फोन को हैक करने का टूल हो सकती हैं।
- सर्च इंजन के नंबरों पर भरोसा न करें: कोरियर या किसी भी सर्विस के लिए केवल उनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ही कस्टमर केयर नंबर लें।
तुरंत रिपोर्ट करें : अगर आप किसी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
