धार। जिले के अमझेरा पुलिस ने मुस्तैद नागरिकों की मदद से गोवंश तस्करी के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ किया है। राजगढ़ बाजार से क्रूरतापूर्वक पिकअप वाहन में ठूस-ठूस कर वध हेतु ले जाए जा रहे 8 गोवंश (गाय के बछड़े) को मुक्त कराने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर वाहन और गोवंश सहित करीब 2,75,000 रुपये का मशरूका जब्त किया है।
सजग नागरिकों ने नाकाम किए तस्करों के मंसूबे
घटना रविवार, 14 जून की दोपहर की है। फरियादी रवींद्र पिता किशोरलाल पंवार (उम्र 51 वर्ष, निवासी नालापुरा, अमझेरा) और उनके साथियों को सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन में गोवंश को अवैध रूप से ले जाया जा रहा है। दोपहर करीब 12:40 से 4:00 बजे के बीच, सजग नागरिकों ने घेराबंदी कर इन्द्रा कालोनी, अमझेरा के पास संदिग्ध पिकअप गाड़ी को रोक लिया। जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो उसके अंदर का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया। पिकअप वाहन में बेरहमी से 8 मासूम बछड़ों को ठूस-ठूस कर भरा गया था। नागरिकों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए वाहन और आरोपियों को अमझेरा थाने पहुंचाया।
राजगढ़ से जीराबाद जा रहा था ‘मौत का सौदा’
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिकअप गाड़ी संख्या MP41GA3230 में इन बछड़ों को राजगढ़ बाजार से भरकर वध के लिए जीराबाद की ओर ले जा रहे थे। समय रहते गाड़ी पकड़े जाने से इन बेजुबानों की जान बच गई। पुलिस ने मौके से जब्त किए गए गोवंश और वाहन की कुल कीमत 2,75,000/- रुपये आंकी है।
दो आरोपियों पर प्रकरण दर्ज
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से दो आरोपियों राजेंद्र पिता बहादर मुवैल (उम्र 18 वर्ष), निवासी- भमोरी, थाना गंधवानी, गलसिंह पिता स्व. रेवसिंह मुवेल (उम्र 22 वर्ष), निवासी- भमोरी, थाना गंधवानी, जिला धार को गिरफ्तार किया है। अमझेरा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ म.प्र. गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 6, 9 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में ले लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन से तस्कर शामिल हैं।
