सिंहस्थ 2028 के लिए तेजी से हो रहे विकास कार्य- CM डॉ. यादव
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना से बढ़ेगा दूध उत्पादन
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन जिले के नागदा स्थित बालाजी धाम में आयोजित श्रीराम दरबार प्राण प्रतिष्ठा व ध्वज पूजा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के विकास और धार्मिक स्थलों के कायाकल्प को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस विशेष अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ 2028 के भव्य आयोजन को देखते हुए इंदौर, उज्जैन और आसपास के जिलों में हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं, जिसके तहत अब इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में धार, नागदा और रतलाम को भी शामिल कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार्मिक और सामाजिक विकास का रोडमैप साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार 2000 करोड़ रुपए की लागत से भव्य चित्रकूट धाम का निर्माण कर रही है। इसके साथ ही प्रभु श्रीराम के चरणों से जुड़े स्थलों को ‘श्रीराम वन गमन पथ’ और भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित स्थलों को ‘श्रीकृष्ण पाथेय’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने नागदा के बालाजी धाम में फर्श, बाउंड्री वॉल और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी एलान किया।
दूध उत्पादन और गौ-पालन के लिए बड़े लक्ष्य
सरकार ने प्रदेश में दूध उत्पादन को 12% से बढ़ाकर 20% करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना’ शुरू की गई है, जिसमें ₹10 लाख के अनुदान का प्रावधान है। साथ ही, प्राकृतिक खेती और गौ-पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रति गाय 1100 रुपये महीना सहायता राशि दी जाएगी।
इस घोषणा के बाद इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का दायरा बढ़ने से धार, नागदा और रतलाम जैसे शहरों में बुनियादी ढांचे, परिवहन और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। सिंहस्थ 2028 के आयोजन से पहले इन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और नागरिक सुविधाएं काफी मजबूत हो जाएंगी। इसके अलावा, कामधेनु योजना और प्रति गाय 1100 रुपए की मासिक सहायता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, जिससे किसानों और पशुपालकों की आय में सीधे तौर पर बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
