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कोद में फिल्मी स्टाइल में बवाल : जमीन विवाद में दो पक्षों ने एक-दूसरे का किया अपहरण, पोल से बांधकर पीटा, महिला भी घायल

धार। जिले के थाना कानवन अंतर्गत ग्राम कोद में जमीन जोतने के विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि पूरा इलाका जंग के मैदान में तब्दील हो गया। फिल्मी अंदाज में दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे के लोगों को जबरन गाड़ियों में ठूंसा और अगवा कर लिया। इस खूनी संघर्ष में लात-घूंसे, लट्ठ चले और एक पीड़ित को तो बिजली के खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा गया। बीच-बचाव में आई एक महिला भी गंभीर रूप से घायल हुई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस केस दर्ज कर लिया है।

पहला पक्ष: “खेत जोतने से रोका तो बोलेरो में किडनैप कर ले गए, पत्नी ने गाड़ी रोकने की कोशिश की”

घटना गुरुवार (18 जून) दोपहर 12 से 2 बजे के बीच की है। फरियादी चेनसिंह चौहान (मोगिया) ने पुलिस को बताया कि वह नेवरीपाडा रोड स्थित अपने खेत पर था। तभी आरोपी अनिल पाटीदार, शंभुलाल, कैलाश, राजेश, राधेश्याम, जगदीश भील और 3 अज्ञात लोग वहाँ आए। जब चेनसिंह ने उन्हें जमीन जोतने से मना किया, तो आरोपी भड़क गए और अश्लील गालियाँ देने लगे। आरोपियों ने चेनसिंह को बेरहमी से पीटा और जबरन अपनी बोलेरो गाड़ी में डालकर किडनैप कर लिया।

जब गाड़ी चेनसिंह के घर के पास वाले चौराहे से गुजरी, तो उसकी पत्नी चंचलाबाई ने पति को बचाने के लिए जान की बाजी लगा दी। उसने तेज रफ्तार बोलेरो को रोकने का प्रयास किया और पीछे दौड़ी, जिससे वह सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गई। उसके घुटनों और कोहनी पर गंभीर चोटें आई हैं। चेनसिंह को पवन चक्की के पास ले गए, जहाँ उसके हाथ गमछे से पीछे बांध दिए गए और थप्पड़-मुक्कों से पीटते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।

दूसरा पक्ष: “हमारे नौकर को ऑल्टो में उठाया, राधेश्याम को बिजली के पोल से बांधकर पीटा”

वहीं दूसरी ओर, अनिल पाटीदार ने भी मोगिया समाज के लोगों पर पलटवार करते हुए अपहरण और मारपीट का मामला दर्ज कराया है। अनिल का आरोप है कि चेनसिंह और उसके साथियों (कान्ताबाई, जीवन, महेन्द्र, ईश्वर, राहुल, दशरथ, घनश्याम, प्रद्युन और चंचलाबाई) ने एकमत होकर उनके पक्ष पर हमला किया। आरोपियों ने अनिल के नौकर जगदीश भील को जबरन अपनी ऑल्टो कार में ठूंसा और कोद की तरफ ले गए। इतना ही नहीं, मोगिया समाज के लोग राधेश्याम पाटीदार को उसके घर से उठाकर ले गए और चेनसिंह के घर के सामने बिजली के पोल (खंभे) से रस्सी द्वारा बांध दिया। खंभे से बंधे राधेश्याम को लट्ठ और लात-घूंसों से तब तक पीटा गया जब तक वह अधमरा नहीं हो गया। राधेश्याम की दोनों आँखों, चेहरे, सिर और पीठ पर गंभीर चोटें हैं। वहीं नौकर जगदीश की उंगली और कमर पर लट्ठ मारे गए।

भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज

कानवन पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों ही पक्षों के खिलाफ दंगा भड़काने, मारपीट और अपहरण की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। दोनों पक्षों पर BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 296(a) (अश्लील गालियां), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 140(3) (फिरौती या नुकसान के लिए अपहरण), 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 191(1), 191(2) (दंगा/बलवा) और 351(3) (जान से मारने की धमकी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है।

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