धार। महीनों की भीषण गर्मी और बेहाल करने वाली उमस के बाद आखिरकार प्रकृति ने धार शहर पर अपनी इनायत बरसाई है। सोमवार को सुबह से ही आसमान में डेरा डाले काली घटाओं ने दोपहर होते-होते पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया। इसके बाद शुरू हुआ प्री-मानसून की बारिश का ऐसा दौर, जिसने दिनभर मौसम को खुशनुमा बनाए रखा। कभी हल्की रिमझिम फुहारें तो कभी अचानक तेज बौछारों के इस सिलसिले ने नगरवासियों को झूमने पर मजबूर कर दिया और दफ्तरों से लेकर घरों तक का माहौल खुशनुमा हो गया।
धार शहर में आज सोमवार सुबह करीब 11:40 बजे मौसम के बदले मिजाज के साथ पहली बार रिमझिम फुहारें शुरू हुईं, जो करीब 15 मिनट तक चलीं। इसके ठीक बाद, दोपहर करीब सवा बारह बजे शुरू हुआ बारिश का दूसरा दौर लगभग 20 मिनट तक जारी रहा। मौसम ने अपनी असली रफ़्तार दोपहर करीब 2:30 बजे पकड़ी, जब शहर में पौन घंटे तक कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश का दौर चला। इस अचानक हुई बारिश से बचने के लिए जहां राहगीर और दुपहिया वाहन चालक पेड़ की छांव और दुकानों के नीचे शरण लेते दिखे, वहीं दूसरी ओर युवाओं की टोलियां बिना रेनकोट और छतरी के इस पहली बारिश का आनंद लेते हुए रील्स बनाती नजर आईं। महात्मा गांधी मार्ग के निवासी अमित सोनी ने बताया कि महीनों की तपती धूप के बाद मिट्टी की सोंधी खुशबू किसी वरदान जैसी लगी।

इस पहली झमाझम बारिश ने न केवल शहर के तापमान को सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस नीचे गिराकर लोगों को भीषण उमस से राहत दी है, बल्कि आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों के चेहरों पर भी रौनक ला दी है। हालांकि, अचानक हुई इस तेज बारिश के कारण सड़कों पर कुछ जगहों पर जलजमाव की स्थिति जरूर बनी, जिससे यातायात की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई। फिर भी, मौसम की इस मामूली परेशानी के बीच लोग चाय के कुल्हड़ और गर्मागर्म पकौड़ों के साथ प्री-मानसून के इस बदले मिजाज का पूरा लुत्फ उठा रहे हैं।
