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‘मां की याद अब पेड़ बनकर जिएगी’ : अमझेरा के शर्मा परिवार ने तेहरवीं पर जिला प्रशासन को सौंपे 5 हजार पौधे

धार। शोक की घड़ी में जब लोग उदासी में डूब जाते हैं, तब धार जिले के ग्राम अमझेरा के एक परिवार ने अपने व्यक्तिगत दुख को धरती की हरियाली बढ़ाने के संकल्प में बदल दिया। यहाँ शर्मा परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक पेड़ मां के नाम’ मुहिम को हकीकत में निभाते हुए समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।

हाल ही में माता कमलादेवी शर्मा के निधन के बाद, उनके पुत्रों अश्विन शर्मा, अरुण शर्मा और अविनाश शर्मा ने पारंपरिक शोक को पर्यावरण संरक्षण के एक बड़े कार्य से जोड़ने का फैसला किया। माता की तेहरवीं के अवसर पर परिवार ने 1 लाख रुपए की लागत के 5,000 पौधे जिला प्रशासन को भेंट किए। इन पौधों को अब धार जिले के अलग-अलग स्थानों पर लगाकर उनकी देखरेख की जाएगी।

इस भावुक और प्रेरक क्षण पर अश्विन शर्मा ने कहा कि “प्रधानमंत्री की ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल से प्रेरणा लेकर हमने मां की स्मृति में यह कदम उठाया है। इन पौधों के रूप में मां की याद हमेशा हमारे बीच जीवित रहेगी। हम समाज के अन्य लोगों से भी अपील करते हैं कि वे ऐसी पहल करें ताकि माताओं को सच्ची श्रद्धांजलि मिल सके।”

कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे जिला वनमंडलाधिकारी विजयानंथम टीआर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वन विभाग इन सभी 5 हजार पौधों को बड़ा करने और उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेता है। कमलादेवी शर्मा अब इन वृक्षों के रूप में धार की हरियाली बढ़ाएंगी।

इस तेहरवीं कार्यक्रम में सरदारपुर से वन विभाग अधिकारी शेलेन्द्र सोलंकी, जिला पत्रकार संघ अध्यक्ष पंडित छोटू शास्त्री, धार से समाजसेवी अशोक जैन, भाजपा के जिला मंत्री कमल यादव, धार प्रेस क्लब अध्यक्ष ज्ञानेंद्र त्रिपाठी और सुनील सचान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ मातृभूमि और मातृशक्ति के सम्मान को जोड़ना है। यह अभियान लोगों से आग्रह करता है कि वे अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाएं और उसकी जिम्मेदारी उठाएं। शर्मा परिवार की इस पहल के बाद अब पूरे जिले में चर्चा है कि श्रद्धांजलि देने का यह अनोखा तरीका आने वाले समय में समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा।

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