नियमित पेयजल और समय पर विकास कार्य हमारी प्राथमिकता: कलेक्टर
धार। गर्मियों के मौसम में हर नागरिक तक स्वच्छ पानी पहुँचाना और शहरों का आधुनिक विकास सुनिश्चित करना किसी भी प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होता है। इसी चुनौती को धरातल पर मजबूत करने के लिए धार जिला मुख्यालय पर विकास कार्यों की रफ्तार और पेयजल व्यवस्था को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
सोमवार 22 जून को धार के जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में जिला शहरी विकास अभिकरण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में स्थानीय विधायक नीना वर्मा, मुख्य नगरपालिका अधिकारी कुंवर विश्वनाथ सिंह सहित जिले के सभी नगरीय निकायों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के सभी शहरों में पानी की सप्लाई, फायर ब्रिगेड की व्यवस्था और केंद्र व राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं की मौजूदा स्थिति को जांचना और उनकी कमियों को दूर करना था।
बैठक के मुख्य बिंदु और निर्णय
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पेयजल और फिल्टर प्लांट का रखरखाव : जिले के सभी 11 नगरीय निकायों (धार, पीथमपुर, मनावर, सरदारपुर, राजगढ़, बदनावर, मांडव, धामनोद, धरमपुरी, कुक्षी और डही) में पानी के वितरण की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में रोस्टर के अनुसार पानी दिया जा रहा है और कहीं भी जल संकट नहीं है। कलेक्टर ने विशेष रूप से धार नगर पालिका के फिल्टर प्लांट की नियमित सफाई और मेंटेनेंस के निर्देश दिए।
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पुरानी पाइप लाइनों का होगा सर्वे : बैठक में विधायक नीना वर्मा ने शहरों में बिछी पुरानी जल प्रदाय पाइप लाइनों का सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुधार कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर जल्द शासन को भेजे जाएं और जनता की पानी से जुड़ी शिकायतों का तुरंत निपटारा हो।
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अमृत 2.0 और अन्य विकास योजनाएं : अमृत 2.0 योजना के तहत चल रहे पार्क निर्माण, सीवरेज, वाटर बॉडी रिजुवनेशन (जल स्रोतों का पुनरुद्धार) के कामों की प्रगति देखी गई। इसके साथ ही मांडव के सागर तालाब के पुनरुद्धार कार्य और मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा वित्त पोषित धामनोद-मांडव जलप्रदाय योजना तथा धरमपुरी-धामनोद की सीवरेज (मल-जल) योजना की समीक्षा भी की गई।
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अग्निशमन सेवाओं की समीक्षा : शहरों में फायर फाइटर वाहनों की उपलब्धता, ऑपरेटरों की स्थिति और खाली पदों को लेकर चर्चा हुई। कलेक्टर ने खाली पदों को भरने और संसाधनों को बेहतर करने की बात कही।

इस समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों का सीधा असर आने वाले समय में धार जिले की शहरी व्यवस्थाओं पर दिखेगा। पुरानी पाइप लाइनों के सर्वे और नए प्रस्तावों से भविष्य में पानी की बर्बादी रुकेगी और सप्लाई नेटवर्क मजबूत होगा। वहीं मांडव के सागर तालाब के पुनरुद्धार और धामनोद-धरमपुरी की सीवरेज व जलप्रदाय योजनाओं के समय पर पूरे होने से इन पर्यटन और रिहायशी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं और स्वच्छता के स्तर में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
