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मप्र पुलिस को मिले 17 नए डीएसपी : गृह विभाग ने जारी की नियुक्ति सूची, 6 जुलाई तक संभालना होगा कार्यभार

खास पहचान से खाकी तक का सफर

भोपाल। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2023 में सफलता का परचम लहराने वाले होनहारों के लिए खुशखबरी है। प्रदेश के गृह विभाग ने परीक्षा की मुख्य सूची से चयनित 17 अभ्यर्थियों को मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा में उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के पद पर अस्थायी और प्रावधिक रूप से नियुक्त करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। चयनित युवाओं के कन्धों पर अब कानून व्यवस्था और जनसेवा की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

किसे, कब और कहाँ संभालना होगा जिम्मा?

मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा जून 2026 में जारी किए गए इस आदेश के तहत कुल 17 चयनित अभ्यर्थियों को उप पुलिस अधीक्षक (कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान ₹15,600 – 39,100 + ग्रेड पे 5400/-, पे मेट्रिक्स लेवल 12) के पद पर नियुक्त किया गया है। इन सभी नवनियुक्त अधिकारियों को 06 जुलाई, 2026 को मध्य प्रदेश शासन, गृह विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल में कार्यभार ग्रहण करने के लिए अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। नियत तारीख पर उपस्थित न होने या प्रशिक्षण में भाग न लेने की स्थिति में यह नियुक्ति आदेश निरस्त मान लिया जाएगा।

सूची में शामिल प्रमुख नाम और उनकी मेरिट रैंक इस प्रकार हैं:

  • मेरिट रैंक 7 पर सागर के विवेक अग्रवाल और रैंक 17 पर ग्वालियर के गोविंद सिंह सोलंकी का नाम शामिल है।
  • महिला अभ्यर्थियों में गुना की मोनिका धाकड़ (रैंक 18), विदिशा की शिवानी राय (रैंक 20), मैहर की स्वाति सिंह बघेल (रैंक 23), भोपाल की मुस्कान सोनी (रैंक 25), और नीमच की पूजा (रैंक 27) मुख्य रूप से शामिल हैं।
  • इसके अलावा रीवा के शैलेष मिश्रा, सागर के विवेक सिंह दांगी, छतरपुर की मयंका चौरसिया, राजगढ़ की दीपिका नकवाल, सतना की नेहा प्रजापति, इंदौर की दिप्ती कतरोलिया, अलीराजपुर की सोनू कनेश, बड़वानी के राहुल मंडलोई, झाबुआ की नीतू मंडलोई और छत्तीसगढ़ (दुर्ग) की शीजल विजयपाल को भी डीएसपी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कड़े नियम, कड़ा प्रशिक्षण और भविष्य के प्रभाव

गृह विभाग के इस आदेश के साथ कई महत्वपूर्ण सेवा शर्तें भी जुड़ी हुई हैं जो इन अधिकारियों के भविष्य के कार्यकाल को तय करेंगी:

  • दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि: सभी नवनियुक्त अधिकारी कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से दो वर्ष की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि पर रहेंगे।
  • अनिवार्य प्रशिक्षण: इन अधिकारियों को आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल में आयोजित संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा कर परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर सेवाएं समाप्त की जा सकेंगी। इसके बाद इन्हें मध्य प्रदेश पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, भौंरी (भोपाल) में आयोजित विशेष प्रशिक्षण में भेजा जाएगा, जहां प्रशिक्षण के दौरान ये अपने साथ परिवार नहीं रख सकेंगे।
  • बाण्ड और पेंशन नीति: कार्यभार ग्रहण करते समय इन अधिकारियों को एक बाण्ड भरना होगा, जिसके तहत प्रोबेशन पीरियड पूरा न करने या बीच में सेवा छोड़ने पर शासन द्वारा उनके वेतन, भत्ते और यात्रा पर खर्च की गई राशि वसूल की जाएगी। इसके अलावा, इन पर 1 जनवरी 2005 से प्रभावी नवीन अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।
  • अदालती फैसलों के अधीन: वर्तमान में यह नियुक्तियां माननीय उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय में लंबित विभिन्न याचिकाओं (जैसे एसएलपी क्रमांक 8764/2023, डब्लूपी क्रमांक 12195/2024 आदि) के अंतिम निर्णयों के अधीन रहेंगी, जो आगे चलकर इस भर्ती के कानूनी स्थायित्व को प्रभावित कर सकती हैं।

आदेश की आधिकारिक सूची देखने के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करे :

MPPSC adesh 2003

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