4 महीने से कर रहा था पीछा, शादी न होने देने की दी थी धमकी, पुलिस ने कसा शिकंजा
धार। एक तरफ जहां पूरा परिवार बेटी की सगाई की खुशियां मनाने की तैयारी कर रहा था, वहीं दूसरी तरफ एक सिरफिरे की धमकियों ने उन खुशियों को ग्रहण लगा दिया। पिछले चार महीनों से एक युवती का लगातार पीछा कर रहे और उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहे एक युवक के कारण पीड़िता की सगाई टूट गई। इसके बाद पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह पूरा मामला थाना धरमपुरी के अंतर्गत का है। यहाँ रहने वाले आरोपी विशाल पिता राधेश्याम जगताप के खिलाफ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 78(1)(i) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) की धारा 3(2)(va) के तहत केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई रविवार, 28 जून को रात 08:22 बजे पीड़िता के थाने आकर रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद की गई। घटना शनिवार, 27 जून की रात करीब 10:00 बजे पीड़िता के घर के बाहर हुई, हालांकि आरोपी पिछले चार माह से लगातार उसे परेशान कर रहा था।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि पड़ोस में रहने वाला विशाल पिछले चार महीनों से उसका पीछा कर रहा था। वह जबरन बातचीत करने का दबाव बनाता था और कहता था कि ‘मैं तुम्हें पसंद करता हूँ, मुझसे बात किया कर।’ पीड़िता के मना करने पर आरोपी उसे धमकी देता था कि वह उसकी शादी कहीं और नहीं होने देगा। इस बीच पीड़िता के परिवार ने आरोपी को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन उसकी हरकतों में कोई सुधार नहीं आया। वह पीड़िता के घर से बाहर निकलते ही उसका पीछा करने पहुंच जाता था।
परेशानी तब और बढ़ गई जब पीड़िता की सगाई तय हुई। 28 जून को सगाई होने वाली थी, लेकिन उससे एक दिन पहले 27 जून की रात को आरोपी विशाल ने उस लड़के के परिवार वालों से संपर्क किया जिससे पीड़िता की शादी होने वाली थी। आरोपी ने शादी वाले परिवार से झूठ कहा और धमकी दी कि ‘जिस लड़की से तुम विजय की सगाई करने वाले हो, वह कल मेरे साथ जाने वाली है और मुझसे शादी करेगी।’ इस झूठी बात और धमकी के कारण पीड़िता की तय हो चुकी सगाई टूट गई।
इस घटना के बाद से पीड़िता का परिवार गहरे मानसिक तनाव में है। पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद अब आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। कानूनी जानकारों के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता की धारा 78(1)(i) विशेष रूप से महिलाओं का पीछा करने और उन्हें प्रताड़ित करने के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान करती है, वहीं SC/ST एक्ट की धाराएं जुड़ने से आरोपी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। पुलिस इस मामले में लड़के वालों के परिवार के बयान भी दर्ज कर सकती है, जिससे आरोपी के खिलाफ कानूनी शिकंजा और मजबूत होगा।
