धार के बनियावाड़ी में ऑनलाइन ठगी, कोतवाली थाने में प्रकरण दर्ज
धार। ऑनलाइन लेनदेन के इस दौर में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे बिना किसी ऐप डाउनलोड करवाए या किसी फर्जी लिंक पर क्लिक करवाए भी लोगों के बैंक खातों में सेंध लगा रहे हैं। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला मध्य प्रदेश के धार शहर से सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति के बैंक खाते से धोखाधड़ी कर 30,000 रुपए की राशि उड़ा ली गई।
यह घटना कोतवाली धार थाना क्षेत्र के तहत महावीर मार्ग, बनियावाड़ी, धार के निवासी के साथ हुई। यह वारदात सोमवार, 3 अगस्त को शाम करीब 04:29 बजे घटित हुई, जिसकी जानकारी पीड़ित को शाम 06:57 बजे फोन पे चेक करने पर मिली। फरियादी के बैंक खाते से छलपूर्वक 30,000 रुपए की राशि डेबिट (ऑनलाइन धोखाधड़ी) कर ली गई।
पीड़ित का नाम पवन अग्रवाल (उम्र 48 वर्ष, पिता रमणलालजी अग्रवाल) है। आरोपी कोई अज्ञात व्यक्ति है, जिसका बैंक खाता ‘गुजरात ग्रामीण बैंक’ (खाता क्रं. 32240200000251) से जुड़ा हुआ है। पीड़ित पवन अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने कोई नया ऐप डाउनलोड नहीं किया था और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया था। इसके बावजूद उनके बैंक ऑफ बड़ौदा के खाता संख्या (18180100017425) से पैसे कटकर गुजरात ग्रामीण बैंक के उक्त खाते में ट्रांसफर हो गए।
शुरुआती शिकायत भोपाल स्थित ई-साइबर सेल में दर्ज कराई गई थी। इसके बाद कोतवाली धार थाने में फरियादी के बयान दर्ज किए गए। बयान और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 10 अगस्त सोमवार को अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
बिना किसी लिंक या ऐप के खाते से पैसे उड़ने की यह घटना साइबर सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है। इस तरह के ‘जीरो-क्लिक’ या एडवांस बैंक फ्रॉड के मामले यह दर्शाते हैं कि साइबर ठग अब बैंक खातों से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने के नए तकनीकी रास्ते खोज रहे हैं।
पुलिस की इस जांच से न केवल गुजरात ग्रामीण बैंक के उस संदिग्ध खाते के मुख्य सरगना का पर्दाफाश हो सकता है, बल्कि भविष्य में अन्य लोगों को इस तरह की अदृश्य साइबर ठगी का शिकार होने से बचाने में भी मदद मिलेगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपने बैंक खातों के स्टेटमेंट नियमित रूप से चेक करने और किसी भी अनधिकृत लेनदेन की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर सूचना देने की अपील की है।
