महिला समेत 4 गिरफ्तार, पंजाब और यूपी तक फैले तार
500 कैमरों के फुटेज खंगाल पुलिस ने पीथमपुर में घेरा
इंदौर। अंधेरे का फायदा उठाकर लग्जरी कारों पर हाथ साफ करने वाले एक बेहद शातिर और हाईटेक अंतरराज्यीय गिरोह की चालाकी आखिरकार पुलिस की सतर्कता के आगे धरी की धरी रह गई। चोरी से पहले इलाके की बिजली बंद कर सीसीटीवी कैमरों को ठप्प कर देने वाले इस गिरोह का इंदौर की राजेंद्र नगर पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत कुल चार आरोपियों को धर दबोचा है, जिनमें एक महिला भी शामिल है।
राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में बीती 29 से 31 तारीख की रात के बीच चोरों ने तीन स्विफ्ट डिजायर कारों पर हाथ साफ किया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष टीम गठित की। आरोपियों का सुराग लगाने के लिए पुलिस टीम ने करीब 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिससे संदिग्धों की पहचान पीथमपुर रोड इलाके तक ट्रेस हुई। वहाँ एक लावारिस कार मिलने के बाद पुलिस ने लगातार 36 घंटे तक उस पर पैनी नजर रखी। जैसे ही आरोपी कार के पास पहुँचे, पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजीव सूरी (मास्टरमाइंड), इमरान (पिता नसीमुद्दीन), मोहम्मद तौफीक और वर्षा के रूप में हुई है। इनमें से दो आरोपी मुंबई और दो उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।

हाईटेक गैजेट्स और एमसीबी ट्रिप का करते थे उपयोग
डीसीपी जोन-1 नरेंद्र सिंह रावत के अनुसार, गिरोह का मास्टरमाइंड राजीव सूरी है। यह गैंग पॉश कॉलोनियों को निशाना बनाता था। वारदात को अंजाम देने के लिए ये एमसीयू/एमसीबी (MCB) यूनिट को बंद करके पूरे इलाके की बिजली काट देते थे, ताकि सीसीटीवी फुटेज में उनकी हरकत रिकॉर्ड न हो सके। इसके बाद कारों के लॉक और कोडिंग को डीकोड करने के लिए ये आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस का इस्तेमाल करते थे। वहीं, गैंग में शामिल महिला आरोपी का इस्तेमाल किसी के पकड़े जाने पर लोगों का ध्यान भटकाने और संवेदनशीलता का फायदा उठाने के लिए किया जाता था।
धामनोद से भी एक कार की चोरी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो चोरी की फोर व्हीलर्स (महाराष्ट्र पासिंग), इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, मैग्नेट और कटर बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने धामनोद क्षेत्र से भी एक कार चोरी करने की बात स्वीकार की है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी की गाड़ियां कहाँ खपाई जाती थीं और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं। शेष दो कारों की लोकेशन पंजाब और उत्तर प्रदेश में मिली है, जिन्हें जल्द बरामद करने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर रवाना कर दी गई हैं। पुलिस को आशंका है कि इस अंतरराज्यीय गिरोह के तार अन्य राज्यों में हुई कार चोरी की वारदातों से भी जुड़े हो सकते हैं।
