धार। आम नागरिकों की समस्याओं का “वन-स्टॉप सॉल्यूशन” कही जाने वाली साप्ताहिक जनसुनवाई मंगलवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित की गई। इस बार जनसुनवाई की कमान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहुल गुप्ता के हाथों में थी, जिन्होंने जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों से आए ग्रामीणों और नागरिकों की शिकायतों को न केवल सुना, बल्कि उनके त्वरित निराकरण के लिए विभाग प्रमुखों की क्लास भी लगाई।
51 आवेदनों में झलका आमजन का दर्द
मंगलवार सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर में आवेदकों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। जनसुनवाई के दौरान कुल 51 आवेदन प्राप्त हुए। ये आवेदन केवल कागज़ के टुकड़े नहीं, बल्कि प्रशासन से जुड़ी उम्मीदें थीं।
इन प्रमुख मुद्दों पर रही सुनवाई:
- जमीन और राजस्व: कृषि भूमि से अवैध कब्जा हटाना, भूमि का सीमांकन और राजस्व रिकॉर्ड में सुधार।
- योजनाओं का लाभ: संबल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अनुकम्पा नियुक्ति के मामले।
- आर्थिक गुहार: दुकान में आग लगने से हुए नुकसान का मुआवजा, इलाज के लिए मदद और ऑनलाइन धोखाधड़ी (Cyber Fraud) से राशि वापस दिलाने की मांग।
- मूलभूत सुविधाएं: बिजली के भारी-भरकम बिलों की शिकायत और नहर के पानी से डूबी फसल का मुआवजा।
‘देरी बर्दाश्त नहीं’: एसडीएम का सख्त रुख
एसडीएम राहुल गुप्ता ने एक-एक कर फरियादियों से मुलाकात की। कई मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर ही तलब किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई के आवेदनों को लंबित न रखा जाए और निर्धारित समय सीमा में नागरिकों को राहत पहुंचाई जाए।
जनसुनवाई को प्रभावी बनाने के लिए डिप्टी कलेक्टर आशा परमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आवेदनों को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर तुरंत निराकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि पीड़ितों को दोबारा जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
